आमतौर पर रुटीन में खानपान से संबंधित बदलावों पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता है लेकिन खानपान के प्रति अरुचि या भूख कम लगने की समस्या का संबंध सिर्फ हमारे रुटीन के बदलाव से ही नहीं है बल्कि यह कई रोगों का इशारा हो सकता है।
जानिए, स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ ऐसी समस्याओं के बारे में जिनका संबंध आपकी डाइट कम होने से है।
एनोरेक्सिया नर्वोसा
वजन बढ़ने के प्रति चिंता वाजिब है पर कुछ लोगों में यह चिंता इस तरह घर कर जाती है कि वह उनके लिए के मानसिक समस्या हो सकती है। यह स्थिति है एनोरेक्सिया नर्वोसा। इस स्थिति में भूख कम होने के साथ-साथ दिल की धड़कन बढ़ जाती है, भोजन के प्रति अनिच्छा रहती है, शरीर दर्द और हर समय थकान महसूस होती है।
वायरल गैस्ट्रोएनट्राइटिस
डाइट में कमी की एक वजह पेट और आंतों से जुड़ी समस्या वायरल गैस्ट्रोएनट्राइटिस भी हो सकती है जिसमें वायरल संक्रमण की वजह से पेट में जलन व गैस्ट्रिक की दिक्कत होती है।
डाइट कम होने के अलावा शरीर में दर्द, लगातार वजन घटना, त्वचा संबंधी समस्याएं और रेक्टल ब्लीडिंग जैसी समस्याएं भी इस रोग का संकेत है।
बहुत अधिक तनाव
बहुत हेक्टिक रुटीन की वजह से अगर आप तनावग्रस्त हैं तो इस वजह से भी आपकी भूख कम हो सकती है। यानी आपकी भूख का तनाव से सीधा संबंध है। हालांकि इस स्थिति में कुछ और भी समस्याएं हो सकती हैं जैसे नींद में दिक्कत, हमेशा थकान रहना, सेक्स के प्रति अनिच्छा, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव आदि।
अवसाद
मेजर डिप्रेसिव डिसॉर्डर (एमडीडी) नामक अवसाद की एक अवस्था है जिसमें व्यक्ति के मूड में बहुत अधिक परिवर्तन होते हैं, इसका संबंध भी भूख घट जाने से है। इस स्थिति में भूख घट जाने के साथ-साथ मूड तेजी से बदलना, वजन घटने, थकान, घबराहट आदि समस्याएं भी हो सकती हैं।
फ्लू
फ्लू यानी इन्फ्लूएंजा के दौरान बी भूख बहुत घट जाती है। यह रोग इन्फ्लूएंजा नामक वायरस की वजह से होता है जिसमें श्वसन तंत्र में वायरल संक्रमण हो सकता है। इसमें भूख कम होने के अलावा, सांस लेने में दिक्कत, बहुत अधिक पसीना आने जैसी दिक्कतें भी होती हैं।