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यूं ही नहीं पसंद किया जाता पूरे भारत में 'पोहा', इससे जुड़ी हैं कई खास बातें

Fri, 22 Nov 2019 02:45 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
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पोहा - फोटो : Social Media
खाना ऐसी चीज है जिसका नाम सुनते ही मन में लजीज और जायकेदार व्यंजन की तस्वीर बन जाती है। फिर चाहे सुबह का नाश्ता हो या शाम का स्नैक्स इन दो समय में हमेशा कुछ अलग और एकदम बढ़िया खाने का दिल करता है। सुबह के नाश्ते में अक्सर लोग दूध कॉर्नफ्लैक्स, परांठे-सब्जी या ब्रेड आमलेट खाते हैं। लेकिन कुछ व्यंजन ऐसे भी हैं जो भले ही भारत के दूसरे राज्य की प्रमुख रेसिपी हो लेकिन पूरे देश के लोगों को इसका स्वाद पसंद आता है। जी हां, हम पोहा की बात कर रहे हैं। पोहा ऐसी डिश है जो महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में बड़े चाव से खाई जाती है। ऐसे में इंदौर का पोहा तो काफी मशहूर है। आगे की स्लाइड में जानें पोहे की खोज से जुड़ी जानकारी। 
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पोहा - फोटो : social media
एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1846 में जब भी भारतीय सैनिकों को पानी के जहाज के जरिए कहीं और भेजा जाता था, तब उनके खाने में पोहा हुआ करता था। पोहा चिड़वे से तैयार किया जाता है और स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें मूंगफली, कढ़ीपत्ता और राई का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, कई राज्यों में पोहे को परोसने का तरीका अलग है. उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पोहे पर तीखी भुजिया डाली जाती है और मध्य प्रदेश में पोहा के साथ जबेली और इमरती दी जाती है। महाराष्ट्रीयन पोहे में आलू डाला जाता है और ऊपर सेव डालकर, इसे चटनी के साथ परोसा जाता है। 
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- फोटो : social media
पोहे को अंग्रेज शासक सैनिकों का संपूर्ण आहार मानते थे। साथ ही इसे बनाना भी आसान था। आजाद भारत की बात करें तो एक बार इस पर बैन भी लग चुका है। दरअसल, 1960 में चावल की कमी होने जाने के कारण सरकार को पोहा बनाने पर बैन लगाना पड़ा था। 

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पोहा - फोटो : social media
पोहे की खास बात यह कि है यह बनाने में तो आसान है ही साथ ही काफी हेल्दी भी जिसकी वजह से लोग इसे ब्रेकफास्ट में खाना पसंद करते हैं। यह कार्बोहाइड्रेड का अच्छा स्रोत होने के अलावा आयरन और फाइबर से भी भरपूर है, इसलिए पोहा खाने के बाद काफी देर तक आपको पेट भरा हुआ महसूस होगा। पोहा खाने में काफी हल्का होता है और आसानी से पच जाता है। इसके अलावा, जो लोग ग्लूटन फ्री डाइट पर होते हैं।
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पोहा - फोटो : social media
हमारे देश में पोहा लोगों को इतना पसंद है कि हर साल 7 जून को पोहा दिवस भी मनाया जाता है। पोहा को अलग-अलग नाम से भी पुकारा जाता है, जैसे चिवड़ा, चपटा चावल, चिड़ा, चिउरा, अवल, अटुकुल्लू। 
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