नवरात्र के दिनों में व्रत रखना जहां धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं, वहीं सही तरीके से व्रत सेहत की दृष्टि से भी फायदेमंद है। लेकिन कई बार व्रत रखने का तरीका हमारे लिए वार्क फायदंमद है, इस बात का निर्णय करना मुश्किल हो जाता है। अक्सर व्रतों में खाए जाने वाले फलाहार इतने फैटी होते हैं कि उनके सेवन से आपका वजन गिरने के बजाय और बढ़ जाता है, वहीं डाइट की अनियमितता की वजह से अक्सर व्रत के दौरान कमजोरी, गैस्ट्रिक आदि समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में व्रत करते वक्त अगर आप इन बातों पर ध्यान देंगे तो आपका व्रत सेहत की नजर से भी फायदेमंद होगा।
फलाहार में चुनें सेहतमंद विकल्प
आमतौर पर हम फलाहार के दौरान कुट्टू के आटे की पकौड़ियां, पूरियां, सिघाड़े के आटे के पराठे जैसे हेवी और ऑयली डाइट लेते हैं। डायटीशियन स्नेहा राय बताती हैं, 'कुट्टू, सिंघाड़े, देशी घी आदि के बने फलाहार के बजाय अगर आप कुट्टू व सिंघाड़े के आटे की रोटी या दोसा, समक के चावल आदि का सेवन करें तो यह आपकी सेहत के लिहाज से अधिक फायदेमंद है।' इसके अलावा दूध के उत्पाद लेते वक्त ध्यान दें कि वे लो-फैट हों।
खूब पानी पिएं
वैसे तो रोजमर्रा के रुटीन में अधिक से अधिक पानी का सेवन करना चाहिए लेकिन व्रत के दौरान इसमें लापरवाही तो हर्गिज नहीं बरतनी चाहिए। पानी अधिक पीने से जहां आप डीहाइट्रेशन से बचे रहेंगे वहीं यह आपके शरीर के सारे टॉक्सिन्स को दूर करेगा।
डायबीटिक व गैस्ट्रिक पेशेंट के लिए
डायबीटीज और गैस्ट्रिक के मरीजों को व्रत के दौरान अपेक्षाकृत अधिक सावधानियां बरतनी चाहिए। बतौर स्नेहा, 'डायबीटीज के रोगियों के लिए जरूरी है कि वे सिंघाड़े के आटे या साबूदाने के बजाय लौकी, कद्दू, फल आदि व्रत के दौरान लें जिससे उनका शुगर लेवल न बढ़े। वहीं डायबीटीज और गैस्ट्रिक के मरीजों को दिन में कई बार थोड़ी मात्रा में हल्की डाइट लेनी चाहिए। अगर सेहतमंद तरीके से व्रत करेंगे तो ऐसे मरीजों को व्रत के दौरान व व्रत के बाद तकलीफ नहीं होगी।'
ऐसे करें व्रत के दिन की शुरुआत
व्रत के दौरान सुबह के समय हम जो डाइट लेते हैं, उसका बहुत महत्व है क्योंकि इसके ही बल पर हमें सारा दिन निकालना पड़ता है। स्नेहा का मानना है कि व्रत के समय गर्म पानी में नींबू डालकर पीने से दिन की शुरुआत करें। सुबह के समय फलाहार के लिए फल, फलों के जूस, पनीर, ड्राइ फ्रूट्स आदि से करें। ध्यान रखें कि आपकी डाइट में न तो बहुत अधिक शक्कर हो और न ही अधिक नमक। दिन में ढाइ से तीन घंटे के अंतराल पर कुछ हल्की डाइट लें।
इमेरजेंसी में राहत के लिए
अगर व्रत के दौरान बहुत अधिक थकान या बेचैनी होने लगे तो तुरंत नारियल पानी या नींबू का पानी लें। इसके अलावा बेल का शरबत भी तुरंत आराम पहुंचाता है। अक्सर व्रत के दौरान खाली पेट रहने से उल्टियां, सिरदर्द या घबराहट जैसी समस्याएं हो जाती हैं, ऐसे में तुरंत पानी, शक्कर और नमक का घोल बनाकर पिएं।