क्लास में बोरिंग लेक्चर हो या मन मारकर रात में देर तक ऑफिस का काम, जम्हाई हमारे दिन के सबसे उबाऊ हिस्से में बिन बुलाए मेहमान की तरह आ ही जाती है। जम्हाई हमारे लिए जितनी ही स्वाभाविक और सामान्य है, इससे जुड़ी वजहें उतनी ही दिलचस्प हैं।
आइए जानें, आपकी इसी उबाऊ जम्हाई से जुड़े कई रोचक पहलू।
जम्हाई का कारण अब तक सिर्फ कयास है
जी हां, वैज्ञानिक अभी तक जम्हाई की ठोस वजह का पता नहीं लगा सके हैं और अब तक इस बारे में बहुत कम साक्ष्यों के आधार पर कयास ही लगाए गए हैं।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन में प्रकाशित शोध के मुताबिक जम्हाई लेना शरीर में ऑक्सीजन की कमी की भरपाई का संकेत हो सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि फेफड़ों को अगर पंप करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है तो उसकी क्षतिपूर्ति के लिए मुंह से ऑक्सीजन जम्हाई के जरिए लेते हैं।
इससे पहले 1986 के एक अध्ययन में जम्हाई की वजह बहुत अधिक बोरियत महसूस होने पर दिमाग का संकेत होना माना गया है।
जबकि नेशनल जियोग्रॉफिक चैनल ने अपने अध्ययन में माना है कि दिमाग अपनी वॉल्स को ठंडा रखने और मस्तिष्क में ऑक्सीजन पंप करने के लिए जम्हाई का संकेत देता है।
जम्हाई संक्रामक संकेत है
अगर आपके सामने बैठा व्यक्ति जम्हाई ले रहा है और उसे देखकर आपको जम्हाई आ जाए तो चौंकने वाली बात नहीं है। 2004 के एक अध्ययन में पाया कि 50 प्रतिशत लोग सामने वाले को देखकर जम्हाई लेते हैं।
शोध में माना गया कि जम्हाई किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं है बल्कि संक्रामक संकेत है क्योंकि उन्हें ध्यान भी नहीं रहता कि सामने वाले व्यक्ति को जम्हाई लेते देखकर उन्होंने उबासी ली।
करीबियों में तेज है इसका संक्रमण
2012 के एक अध्ययन के मुताबिक, जिन लोगों से आप अनुवांशिक रूप से या भावनात्मक रूप से अधिक जुड़े होते हैं, उन्हें जम्हाई लेते देखकर आपको सबसे ज्यादा जम्हाई आएगी।
गर्भ में भी शिशु जम्हाई लेता है
2012 में गर्भ के भीतर शिशु के 4डी स्कैन पर आधारित अपने अध्ययन में माना कि शिशु गर्भ के भीतर भी जम्हाई लेता है। इसमें उन्होंने बच्चे के सामान्यतः मुंह खोलने व जम्हाई लेने के बीच के अंतर को दिखाया है।
सामान्यतः छह सेकंड तक लेते हैं जम्हाई
वैसे तो जम्हाई कितनी भी लंबी हो सकती है लेकिन 2012 के एक अध्ययन के मुताबिक सामान्यतः जम्हाई की अवधि छह सेकंड तक होती है।
बीमारी का भी संकेत हो सकती है
अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ
हेल्थ के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर माना है कि बहुत अधिक
जम्हाई लेने का संबंध वैगस नर्व से हो सकता है जो हृदय रोगों से संबंधित हो
सकता है। कुछ शोधों ने बहुत अधिक जम्हाई आने का संबंध मस्तिष्क से संबंधित
समस्याओं से भी माना है।