जानते हैं लोगों को कहां से आया खाने में टर्की पकाने का विचार।
- फोटो : file photo
माना जाता है कि इंग्लैंड से शरणार्थी के रूप में आए लोगों ने इस दिन को मनाना शुरू किया था। इस खास दिन वो फसल के पौधे रोपते थे। जिसे हार्वेस्ट डे के नाम से जाना जाता था। लोग मक्का और बीन्स की खेती करने के साथ भोजन में मछली और अन्य सी-फूड को पकाते थे।हालांकि कुछ समय बाद लोगों ने इस दिन को खास बनाने के लिए खाने के मेन्यू में टर्की को भी शामिल कर लिया।आइए जानते हैं लोगों को कहां से आया खाने में टर्की पकाने का विचार।
टर्की कहां से आया
कहा जाता है कि हार्वेस्ट डे के दिन लोग टर्की का शिकार करने के बाद उसे पकाकर खाया करते थे। इसके बाद धीरे-धीरे इसे इस खास दिन पकाने का चलन शुरू हो गया । वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों का मानना है कि ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ प्रथम को जब सूचना मिली कि इंग्लैंड पर हमला करने आ रहा स्पैनिश जंगी जहाज डूब गया है तो उन्होंने खुश होकर टर्की पकाने का आदेश दिया था, जिसके बाद से खाने में टर्की पकाना परंपरा का हिस्सा बन गया।