फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाने से जुड़ी चीजें खरीदने से पहले जरूर पढ़ें यह खबर

विज्ञापन
विज्ञापन
अच्छा खाना, सेहत का खजाना, इस बात की चर्चा तो अक्सर होती है। पर जब बात इसे असल जिंदगी में लागू करने की हो, तो बहुत कम लोग ही पौष्टिक खाने के नियम को अमल में ला पाते हैं।
विज्ञापन


कई बार हमारे खाने का सेलेक्शन गलत होता है, तो कई बार खाना पकाने का हमारा तरीका गलत होता है, जिसकी वजह से हम पौष्टिक खाना खाने से वंचित रह जाते हैं।

यही नहीं बाजार से लाए भोजन के सामान की गुणवत्ता और घर में उसके रखरखाव और पकाने के अनुचित तरीके से भी उसकी पौष्टिकता काफी कम हो जाती है, जो अनजाने में ही आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह भी साबित होती है।

कहने को तो हम हेल्दी और प्योर खाते हैं, पर हम जो खाते हैं उसका असर सेहत पर बिल्कुल भी नहीं होता। ऐसे में जरूरत है अपने भोजन पर नजर रखने की, ताकि आपको और आपके परिवार को मिले हर दिन पोषण से भरपूर भोजन।
विज्ञापन

सेहतमंद रहना चाहते हैं तो...

हेल्थकेयर एट होम की सीनियर क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट कनिका मल्होत्रा कहती हैं कि आप जीने के लिए खाते हैं या खाने के लिए जीते हैं। अगर यह सवाल आपसे करें, तो आप यही कहेंगे-`क्या फर्क पड़ता है, खाना तो दोनों की स्थिति में चाहिए।’

लेकिन यहां असली मुद्दा पौष्टिक और संतुलित भोजन से है। अब सवाल यह भी है कि हममें से कितने लोग पौष्टिक भोजन करने का ख्याल रख पाते हैं? शायद अंगुलियों पर गिनने लायक लोग ही होंगे, जो सही पौष्टिक भोजन को तव्वजो देते हों।

आज लोग अति व्यस्तता का हवाला देकर पेट भरने में विश्वास करने लगे हैं, चाहे इसके लिए जंक फूड पर ही निर्भर क्यों न रहना पड़े! व्यस्त जीवनशैली में जंक फूड हमारे दैनिक भोजन का एक पैमाना बन गया है। लोग शहरी संस्कृति में जीने लगे हैं और इन सबके बीच पौष्टिकता की अहमियत काफी पीछे रह गई है।

अनहेल्दी खानपान, कम शारीरिक गतिविधियां और तनावपूर्ण माहौल में स्वस्‍थ जीवन की कल्पना बेमानी है। आप हेल्दी भोजन के बगैर कुछ नहीं कर सकतीं। स्वस्थ रहने के लिए आपको स्वस्थ भोजन ही करना होगा। लेकिन स्वस्थ खानपान की मानसिकता बनाने से पहले आपको सेहतमंद चीजें खरीदना जरूरी है।'

ऐसे करें सेहतमंद खरीदारी

डाइटीशियन अलका पाल का मानना है कि हम भले ही सेहत के प्रति कितने ही सजग व सचेत हों, लेकिन रोजमर्रा के खानपान की हमारी आदत सही नहीं है, तो इसका नकारात्‍मक असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। जैसे हमारा खाना पकाने का तरीका, फूड आइटम्स की गलत स्टोरिंग और खाने-पीने की चीजों का गलत सेलेक्‍शन।

अगर इन तीनों में सही तालमेल नहीं है, तो सेहत बिगड़ेगी ही। इन आदतों को बदलना चाहती हैं, तो सबसे पहले खरीदारी के तौर-तरीकों पर ध्यान दें।

- जब भी ग्रॉसरी आइटम्‍स लेने जाएं, तो ऑर्गेनिक सब्जियां, फल, कच्‍चे नट्स, बीन्स, बीज, मीट, सी-फूड और हेल्दी होने का दावा करने वाले कुकिंग ऑयल की खरीदारी में खास ध्यान रखें। किसी भी खाने-पीने की चीजों के पैकेट पर एक लेवल लगा होता है, जिसमें उस पैकेट की कीमत, बनने की तारीख, उस खाद्य सामग्री में पड़ी अन्‍य सामग्री के बारे में जानकारी दी गई होती है। इसे ध्यान से पढ़ें।

- शाकाहारी और मांसाहारी भोजन भी इन्हीं लेवल से पहचाना जाता है। उदाहरण के लिए, लाल निशान यानी मांसाहारी और हरा निशान यानी शाकाहारी।

- डिब्बाबंद या पैकेट वाले खाद्य पदार्थ खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह कहीं से फटा हुआ या खुरचा हुआ न हो। अगर मसाले और दाल वगैरह ले रही हैं, तो खुले की अपेक्षा पैक्ड खरीदें।

इनमें मिलावट की आशंका कम होती है। सबसे खास यह है कि पैक्ड सामान से आपको उस पर लगे लेबल से उस चीज के बारे में बहुत कुछ जानकारी मिल जाती है।

- कोई भी खाद्य पदार्थ लेने जाएं, तो लेबल पर दिए हुए न्यूट्रिशन इन्फॉर्मेशन पैनल (एनआईपी) को ध्यान से पढ़ें, इससे उत्पाद में शामिल पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है। जैसे उक्त सामान में कितनी कैलोरी है? फैट, प्रोटीन, फाइबर और सोडियम का कंटेंट कितना है, यह भी देखें।

- प्रोसेस्ड फूड आइटम्स में सोडियम काफी मात्रा में होता है। ऐसे भोज्य पदार्थों को न खरीदें। प्रोसेस्ड फूड लेना मजबूरी है, तो वैसी चीजें खरीदें, जिनमें अनाज भरपूर मात्रा में हो। जैसे गेहूं की ब्रेड, पास्ता आदि। इनमें वसा कम होती है और सैचुरेटेड फैट नहीं होता है। वैसी चीजें भी न लें, जिसमें आर्टिफिशियल कलर या स्वीटनर्स का इस्तेमाल किया गया हो।

- कई बार लेबल पर दी गई जानकारी गुमराह करने वाली होती है। जैसे किसी चीज पर फ्रेश लिखा है, तो यह सही है कि उसे प्रिजर्व करने के लिए फ्रीजिंग, कैनिंग या केमिकल ट्रीटमेंट का प्रयोग नहीं किया गया हो, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वह बिल्कुल ताजा हो।

- उक्त प्रोडक्ट को बाजार तक पहुंचाने के लिए रेफ्रिजरेशन या प्रोसेसिंग का इस्तेमाल किया ही गया होता है। कुछ प्रोडक्ट पर ‘बेक्ड नॉट फ्राइड’ लिखा होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह चीज सेहत के लिए सही हो, संभव है उसमें भी फ्राइड जितनी कैलोरीज हो। इसलिए न्यूट्रिशन इंफॉर्मेशन पैनल को ध्यान से पढ़ें।

- हमेशा ऑर्गेनिक और स्‍थानीय स्तर पर उगाई गई चीजें ही खरीदें। लोकल मिलने वाली चीजें बजट फ्रेंडली भी होती हैं और सेहतमंद भी। इसके विपरीत बाहर की आई चीजें फ्रोजेन और महंगी होती हैं, जो सेहत के लिए भी सही नहीं होतीं।

जरूर करें मूल्यांकन

क्या जरूरी है और क्या नहीं, इसका मूल्यांकन जरूर करें। ऐसी अनावश्यक चीजों को अपनी किचन में बिल्कुल भी जगह न दें, जो आपकी सेहत के लिए अनहेल्दी हो।

हेल्दी खाद्य पदार्थों की जगह बनाने के लिए किचन से जंक फूड के आइटम्स को हटा दें। जो भी खाद्य पदार्थ पौष्टिक न लगे, उसे फेंकने में पल भर की भी देर न करें।

अन्य विकल्पों पर करें विचार

किसी भी सुपर मार्केट में चले जाइए या पास के किसी ग्रॉसरी शॉप पर, आपको यहां फूड आइटम्स की अनगिनत वैरायटी देखने को मिलेंगी। उनमें से कुछ आपकी सेहत के लिए सही होंगे, तो कुछ अनहेल्दी भी।

लेकिन इसमें से आपके लिए हेल्दी क्या है, इसकी लिस्ट बनाएं। जैसे, स्नैक्स में पोटैटो चिप्स या कैंडी सेहत के लिए सही नहीं होते, तो फिर क्यों न इसकी जगह फ्रूट्स या योगर्ट जैसे हेल्दी फूड के बारे में सोचें।

किचन शेल्फ और फ्रिज आदि में हेल्दी फूड को सबसे आगे रखें, ताकि भूख लगने पर आप अनहेल्दी फूड खाने की जगह हेल्दी फूड का ही सेवन कर सकें। सफेद चीनी की जगह रॉ या अनफिल्टर्ड हनी, मैपल सिरप, स्टेविया ले सकती हैं। ये सुपरमार्केट में आसानी से मिल जाएंगे। अगर शहद ले रही हैं, तो यह जरूर देख लें कि वह पूरी तरह से नेचुरल व शुद्ध हो। दरअसल, इन दिनों कुछ शहद में आर्टिफिशियल शुगर व एंटी-बॉयटिक्स मिलाए जाने की शिकायतें आ रही हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदेह है।

दूध या अन्य डेयरी प्रोडक्ट सेहत के लिए जरूरी हैं। इसमें कैल्शियम, विटामिन ए, विटामिन डी और अन्य पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। अगर आपको लगता है कि दूध शुद्ध नहीं मिल रहा है, तो दू्ध के अन्य विकल्पों पर विचार कर सकती हैं। जैसे सोया मिल्क, हेम्प मिल्क, अल्मंड मिल्‍क या कोकोनट मिल्क आदि।

पार्टी आदि में केक या अन्य कोई मीठा पदार्थ खाने से अच्छा है कि आप फ्रूट चाट आदि हेल्दी फूड्स को तवज्जो दें।

कैंडी, कुकीज या प्याज की पकौड़ी की जगह बेक्ड पोटैटो या गाजर चिप्स, एयर में भूने पॉपकॉर्न, नट्स को प्राथमिकता दें।

फ्रिज में जंक या क्रीमी चीजें रखने के बजाय फल आदि रखें, ताकि भूख लगने पर आप हेल्दी ऑप्‍शन का चुनाव कर सकें। जो भी फूड आइटम्स लें, एक बात का ध्यान रखें कि खाने-पीने की चीजों में कम-से-कम 3 ग्राम सैचुरेटेड फैट हर सर्विंग में हो।

स्टोर कैसे करें

खाने-पीने की चीजों को सही तरह से घर में रखने से भी उनकी पौष्टिकता बरकरार रखी जा सकती है। आजकल हर घर में फ्रिज है, जिसमें हम फल और सब्जियां रखने के साथ-साथ पका हुआ भोजन भी कई दिनों तक रखते हैं। पका हुआ सामान और कच्चा सामान अलग-अलग रखें, ताकि एक से दूसरे में बैक्टीरिया जाने की आशंका कम रहे।

खाना पकाने के तरीकों में ग्रिलिंग, रोस्टिंग, स्टीमिंग, स्टर-फ्राइंग का इस्तेमाल करें। इससे विटामिन और पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।

सब्जियां काट कर न रखें। इससे पौष्टिक तत्व कम नष्ट होंगे। सब्जियों को काटने से पहले उन्हें अच्छी तरह से धो लें, ताकि काटने के बाद उनकी अंदरूनी सतह पानी के संपर्क में न आए और उनकी पौष्टिकता सुरक्षित रहे। सब्जियों को छीलने के बजाय हल्का रगड़कर ही छिलका उतारें, क्योंकि सब्जियों की बाहरी सतह पर भी काफी जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो ज्यादा छीलने से नष्ट हो जाते हैं।

कच्चे फल और सब्जियों को गरम पानी में कुछ देर तक भिगोकर, फिर उन्हें हल्का रगड़कर साफ कर लें, ताकि उन पर की हुई पॉलिश या उन पर इस्तेमाल हुए ऑयल का असर खत्म हो सके। दाल को बनाने से पहले दो-तीन मिनट के लिए पानी में भिगोएं। इसके बाद कम-से-कम तीन बार साफ पानी से धोएं, ताकि हानिकारक तत्व बाहर निकल जाएं।

खाने के रखे सामान का रंग या स्वाद बदला हुआ लगे, सफेदी या फंगस का आभास हो, तो ऐसी चीजें न लें। ये सेहत को नुकसान पहुंचाते सकते हैं।
विज्ञापन

रूटीन को फॉलो करें

डाइटीशियन डॉ. अलका पाल कहती हैं कि जब बात हेल्दी खाने की है, तो जरूरत होती है खानपान का एक सही खाका तैयार करने की। साथ ही संयम बरतने की, क्योंकि कई बार आकर्षक व्यंजन देखकर खुद को रोकना मुश्किल हो जाता है।

ऐसे में हेल्दी फूड आइटम्स खरीदने का आपका दृढ़-निश्चय आपकी रसोई व फ्रिज को भी स्वस्‍थ चीजों से ही भरपूर रखेगा। जब आपके आसपास हेल्दी फूड होंगे, तो जाहिर है आप कुछ भी अनहेल्दी खाने से बच जाएंगी।

बेशक आप एक झटके में अपनी आदत को न छुड़ा पाएं, पर एक शुरुआत तो करके देखिए। फिर देखिए, कैसे अपने साथ-साथ पूरे परिवार में हेल्दी ईटिंग हैबिट्स को बढ़ावा दे पा रही हैं आप। इसकी शुरुआत साफ-सफाई, मूल्यांकन करने, सेहत के लिए खराब चीजें छोड़ने और खाद्य पदार्थों को बदलने से करनी चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें