बालों की सफेदी छिपानी हो या फिर उन्हें मनचाहा रंग देना हो, बाजार में हेयर डाइ और हेयर कलर के विकल्पों की कमी नहीं है। ऐसे में मिनटों में जवां दिखने के लिए आप बाजार से जो हेयर डाइ ले आते हैं, हो सकता है वे आपको एलर्जी, कैंसर या नर्वस डैमेज जैसी किसी गंभीर स्थिति में पहुंचा दें!
आप जो हेयर डाइट स्तेमाल करते हैं या जो हेयर डाइ खरीदने जा रहे हैं, उसके लेबल पर गौर करें। हेयर डाइ में मौजूद ये सात केमिकल आपकी सेहत के लिए घाटे का सौदा हो सकते हैं।
1. लीड एसिटेट
आमतौर पर कई सस्ते हेयर डाइ में लीड एसिटेट मिल जाता है जो बालों को तुरंत गाढ़ा रंग देने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इससे शरीर के नर्वस सिस्टम और मस्तिष्क से संबंधित समस्या हो सकती है।
2. पीपीडी
पीपीडी यानी पी- फिनायलेनेडाइमाइन का इस्तेमाल डाइ के रंग को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए किया जाता है। बाजार में उपलब्ध 75 प्रतिशत हेयरडाइ में यह केमिकल पाया जाता है।
कई शोधों में यह साबित हो चुका है कि यह केमिकल न सिर्फ ब्लाडर कैंसर की वजह हो सकते है बल्कि इससे फेफड़े, किडनी, लिवर, प्रतिरोधी क्षमता और नर्वस सिस्टम पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
3. परसल्फेट
परसल्फेट्स में पोटैशियम, सोडियम और अमोनियम सल्फेट्स जैसे केमिकल्स होते हैं जो हेयर डाइ और ब्लीच जैसे उत्पादों में डाले जाते हैं।
इनसे त्वचा रोग तो हो ही सकते हैं साथ ही दमा, सांस लेने की दिक्कत या फेफड़े खराब होने का भी डर बना रहता है।
4. रेसोर्सिन
हेयर डाइ में पाया जाने वाला रेसोर्सिन या रेसोर्सिनोल शरीर में हार्मोनल संतुलन बिगाड़ सकता है। इसका इस्तेमाल गर्भवती महिलाओं के लिए तो और भी हानिकारक है। यूरोप के कई देशों में इसे वातावरण और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले खतरनाक केमिकल्स का दर्जा मिल चुका है। इसके इस्तेमाल से आंखों और त्वचा में भी समस्याएं हो सकती हैं।
5. हाइड्रोजन पेरोक्साइड
कई शोधों में हाइड्रोजन पेरोक्साइड को कार्सेनिक रसायन माना जा चुका है यानी इसके संपर्क से कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। लेकिन फिर भी इसका इस्तेमाल हेयर डाइ में धड़ल्ले होता है।
6. अमोनिया
अमोनिया का इस्तेमाल अक्सर हेयर डाइ में होता है जिससे त्वचा संबंधी समस्याएं, सांस लेने में दिक्कत, आंखों में संक्रमण जैसी दिक्कते हो सकती हैं। कई बार इसका इस्तेमाल हेयर डाई में पीपीडी के विकल्प के रूप में भी किया जाता है।
7. एबीपी
एबीपी का इस्तेमाल बालों का रंग गहरा करने के लिए हेयर डाइ में किया जाता है। भूरे रंग को छोड़कर हर रंग के हेयर कलर में इसका इस्तेमाल होता है। इसके अधिक इस्तेमाल से कैंसर होने की आशंका अधिक रहती है।