पुराने समय से ही सौंफ का इस्तेमाल प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर के रूप में किया जाता रहा है, क्योंकि इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी व एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंह में संक्रमण को रोककर सांस की बदबू को खत्म करते हैं। कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, मैग्नीज और जिंक से प्रचुर सौंफ के सेवन से पाचन क्रिया में सुधार होता है।
खाने के बाद रेस्तरां वगैरह में अक्सर सौंफ खाने को दिया जाता है, ताकि खाने के पाचन में कोई परेशानी न हो। ब्लड प्रेशर और हार्ट स्पीड को कंट्रोल करने के लिए भी सौंफ एक अच्छा विकल्प है। महिलाओं को मासिक धर्म से संबंधित समस्याएं हों, तो वे इसका सेवन कर सकती हैं। यह इन दिनों होने वाली पीड़ा से राहत दिलाता है।