कैंसर का नाम सुनकर भले ही आपके मन में तरह-तरह के डरावने ख्याल आते हों तो जरा हाल में हुए इस शोध के निष्कर्षों पर गौर करें। इसके अनुसार लोगों को अगर कैंसर का डर बताकर धूम्रपान छोड़ने को कहा जाए तो उनपर कम प्रभाव होता है। लेकिन अगर लोगों को नपुंसकता या चेहरे पर झुर्रियों का डर दिखाया जाए तो लोग धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं।
ब्रिटेन की स्टर्लिंग यूनिवर्सिटी के शोध में पाया गया है कि पुरुषों को धूम्रपान से रोकने के लिए कैंसर के बजाय नपुंसकता की जानकारी देना अधिक प्रभावी है, जबकि महिलाएं कैंसर के बजाय चेहरे पर झुर्रियों के डर से धूम्रपान से परहेज कर सकती हैं। यानी लोगों को धूम्रपान छोड़ने का ख्याल कैंसर के बजाय नपुंसकता या एजिंग से अधिक प्रभावित करता है।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर दावा किया है कि करीब 10 में से 8 धूम्रपान करने वाले लोग इन खतरों के बारे में जानकर धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं। इतना ही नहीं, जानकारी के रूप में इनसे संबंधित तस्वीरें उनपर सबसे अधिक प्रबाव डालती हैं।
शोधकर्ता ब्रायन विलियम्स के अनुसार, 'धूम्रपान करने वाले लोगों को अगर नपुंसकता और बुढ़ापे से संबंधित चित्र दिखाए जाएं तो यह कैंसर से संबंधित तस्वीरों से कहीं अधिक प्रभावी साबित होते हैं।'
इस शोध में ब्रिटेन की सेंट एंड्रयूज यूनिवर्सिटी के अध्ययन को भी शामिल किया गया जिसमें 19,000 प्रतिभागियों पर ऑनलाइन सर्वेक्षण किया गया। यह शोध हेल्थ एजुकेशन जर्नल में प्रकाशित हुआ है।