दुनिया भर में सामने आने वाले 32 मिलियन हार्ट अटैक के मामलों में से 12.5 मिलियन जानलेवा होते हैं। बदलती जीवन शैली के कारण हृदय रोगों से जुड़ी समस्याएं एक बड़े खतरे के रूप में उभरी हैं। दिल का पहला दौरा तीन में से एक व्यक्ति की जान ले लेता है और 50 फीसदी लोगों की उसके एक महीने के भीतर मौत हो जाती है। यानी अब दिल के मामले में लापरवाही करना ठीक नहीं होगा।
दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमितेश अग्रवाल के अनुसार, ''पहले हृदय रोग की समस्या उम्रदराज लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब मरीजों में 20 प्रतिशत संख्या युवाओं की होती हैं। 2007 में हृदय रोगों से जुड़ा एक बड़ा शोध सामने आया था, इसमें लिंग, आयु और स्थान से इतर हृदय रोगों के छह बड़े कारण बताए गए थे। ये कारण हैं हाइपरटेंशन, कोलेस्ट्रॉल, एक्सरसाइज न करना, तनाव, डायबिटीज, फल और सब्जियों का सेवन न करना।''
वह आगे बताते हैं, ''अपने दिल को दुरुस्त करने के लिए इन छह कारणों पर ध्यान देने के साथ ही संतुलित भोजन और व्यायाम पर ध्यान देना जरूरी है।''
जानें अपने दिल को
दिल हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा है। हमारी छाती के मध्य में यह बाईं ओर स्थित होता है। हमारा दिल हर मिनट लगभग 72 बार धड़कता है। हर धड़कन के साथ दिल शरीर में रक्त को प्रवाहित करता है। कोरोनरी धमनियां इसे रक्त पहुंचाती रहती हैं। इसी से हमारे दिल को ऑक्सीजन और पोषण मिलता है।
हमारे दिल के दो हिस्से होते हैं। दोनों हिस्सों में एट्रिअम और वेंट्रिकल नामक दो चेंबर होते हैं। दाहिना हिस्सा शरीर से दूषित रक्त प्राप्त करता है और उसे फेफड़ों में पंप करता है और रक्त फेफड़ों में शुद्ध होकर दिल के बाएं हिस्से में वापस लौटता है। यहां से रक्त शरीर में वापस पंप कर दिया जाता है।
हृदय रोगों के प्रकार
कोरोनरी हार्ट डिसीज
धमनियों के रास्ते में आने वाली रुकावट की वजह से हृदय तक पहुंचने वाला रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और उसमें ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।
अरिमिआ
हृदय गति अनियमित हो जाती है।
कार्डियोमायोपैथी
हृदय के आकार का अत्यधिक बड़ा या मोटा होने के कारण हृदय को सामान्य की तुलना में पम्प करने में अधिक समय लगता है इससे कई बार हृदय गति रुक जाती है या फिर अरिमिआ हो जाता है।
पैरीकार्डाइटिस
हृदय पर बनी एक पतली झिल्ली होती है पेरीकार्डियम। इसकी एक या एक से अधिक परतों पर सूजन आ जाना।
हृदय गति रूक जाना
ऐसे में हृदय पर्याप्त शक्ति से पम्प नहीं कर पाता जिससे शरीर को मिलने वाली ऑक्सीजन और पोषक तत्वों में कमी आती है इससे हृदय की मांसपेशियों को अधिक कार्य करना पड़ता है और वे कमजोर हो जाती हैं।
ऐऑर्ट डिसीज
ऐऑर्टिक वॉल (बांयी धमनी) के एक हिस्से का कमजोर हो जाना।
वॉस्कुलर (नाड़ी संबंधी) डिसीज
हृदय रोग अक्सर परिसंचारी तंत्र (सर्कुलेटरी सिस्टम) से संबंधित होते हैं, इसमें धमनियां, नाड़ी और रक्त से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।
दिल का दौरा और स्ट्रोक रोकेगी नई दवा
ताकि हृदय रोग रहे दूर
- धूम्रपान न करें।
- नियमित व्यायाम करें।
- फल और सब्जियों का सेवन करें।
- अत्यधिक मात्रा में नमक और वसायुक्त भोजन का सेवन न करें।
- नियमित चिकित्सीय जांच करवाएं।