आंखों के नीचे झुर्रियां हों या मांग के पास से झड़ते बाल, कई बार अपने चेहरे से जुड़ी जिन छोटी-छोटी समस्याओं को आप दरकिनार करते हैं, वे आपकी सेहत के लिए कई रोगों का खतरा हो सकती है।
डेलीमेल वेबसाइट पर प्रकाशित शोध की मानें तो हमारी आंखों से लेकर कान, बाल, गाल और चेहरे की त्वचा आदि कई अंगों पर गौर करके उनसे सेहत का पता किया जा सकता है।
जानिए चेहरे के अलग-अलग अंगों के आधार पर आपको सेहत से जुड़ी किन समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है, जिससे समय रहते इनका सही उपचार हो सके।
आंखें
अगर किसी को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है तो उसकी आंखों के आइरिस में सफेद रंग का गोला दिखाई पड़ सकता है। कॉलेज ऑफ ऑप्टोमेट्रिस्ट्स के शोधकर्ता फ्रैंसेस्का मर्चेट्टी के अनुसार, ''हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में आंखों में फैट्स एकत्रित हो जाते हैं जिन्हें पिंग्वेक्यूलस कहते हैं।''
पलकों पर छोटे-छोटे दाने या मस्से भी हाई कोलेस्ट्रॉल का इशारा हो सकते हैं। इसी तरह बाहर निकली हुई आंखों का संबंध शरीर के थायरॉइड ग्लैंड से हो सकता है और संभवतः ऐसी आंखें थायरॉइड का संकेत भी हो सकती हैं।
पलकों का अधिक झड़ना भी बेल्स पाल्सी का संकेत हो सकता है। ऐसा कम होता है पर कुछ मामलों में यह स्ट्रोक का भी संकेत हो सकता है।
मुंह
मुंह में छोटे दांतों की उपमा भले ही साहित्य में अनार या मोतियों से जोड़ी जाती हो लेकिन सेहत के मामले में ये एसिड रिफ्लक्स का इशारा हो सकते हैं।
शोध की मानें तो तो अक्सर जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स की दिक्कत अधिक होती है, उनके दांत छोटे और पतले होते हैं। इनके पेट में मौजूद एसिड सोते वक्त मुंह में आता है जिससे दांत अधिक प्रभावित होते हैं।
कई बार ऐसी स्थिति में धीरे-धीरे दांत पतले भी होते जाते हैं। जीभ का कालापन ओरल हाइजीन, धूम्रपान और एंटीबायोटिक्स की अधिकता का इशारा हो सकता है।
त्वचा
त्वचा पर अधिक झुर्रियां महिलाओं के लिए ओस्टियोपोरोसिस के खतरे का संकेत हो सकती हैं।
त्वचा की रंगत अधिक पीली लगे तो यह लिवर से संबंधित समस्याओं का भी संकेत हो सकता है। कई बार डायबिटीज व हाई ब्लड प्रेशर के उपचार के दौरान भी त्वचा व आंखों में पीलापन अधिक दिखता है।
महिलाओं के चेहरे पर हल्के भूरे रंग के धब्बे उनके शरीर में एस्ट्रोजन की अधिकता दर्शाते हैं। आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान या कंट्रासेप्टिव पिल्स लेने वाली महिलाओं को ये अधिक होते हैं।
बाल
महिलाओं में बाल झड़ने की समस्या का कारण आयरन की कमी हो सकता है। कई बार थायरॉइड ग्लैंड के ओवरएक्टिव होने पर भी यह समस्या होती है।
चेहरे पर बाल का बढ़ना थायरॉइड से लेकर मेनोपॉज तक, कई परिस्थितियों में होता है। कई बार थायरॉइड के दौरान भौंहों के बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं। इस दौरान थायरोक्सिन नामक हार्मोन शरीर में पर्याप्ता मात्रा में न बन पाने के कारण यह समस्या हो सकती है।