खाने में ज्यादा नमक लाखों लोगों की जान ले रहा है। खाने में ज्यादा नमक का प्रयोग करने से विश्व के 187 देशों में करीब 16.50 लाख लोगों की जान चली गई। टीओआई की खबर के मुताबिक यह बात एक शोध में सामने आई है। 187 देशों की जनसंख्या पर किये गए एक अध्ययन के मुताबिक जरूरत से अधिक मात्रा में खाने मे नमक प्रयोग किये जाने से विश्वभर में 16 लाख से ज्यादा लोग हृदय संबंधी बीमारियों के चलते मौत का शिकार हो जाते हैं।
वृहस्पतिवार को प्रकाशित न्यू इंग्लैण्ड जर्नल आफ मेडिसिन (एनईजेएम) समाचार पत्र के अनुसार पूरे विश्व भर में औसतन प्रतिदिन 3.95 ग्राम नमक का उपयोग किया जाता है जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित नमक के प्रयोग की मानक मात्रा सिर्फ 2 ग्राम है।
कितना नमक खाते हैं भारतीय?
कुछ दिनों पहले अकेले भारत में हुए एक शोध में इंडियन काउंसिल आफ मेडिसिन रिसर्च ने पाया कि शहरी भारत में प्रति दिन 7.6 ग्राम नमक प्रयोग किया जाता है जो कि पूरे विश्व के मानकों से कही ज्यादा है।
एन्डोक्रनालजी डॉ शंशाक जोशी ने बताया कि सोडियम या नमक को ज्यादा मात्रा में खाने में प्रयोग किया जाना हृदय रोग और दौरा पड़ने जैसी जानलेवा बीमारियों का अहम कारण है। उन्होंने बताया कि हर चार में से एक युवा उच्च रक्त चाप का शिकार है। भारत मे प्रत्येक हृदय रोग का कारण खाने में प्रयोग किये जाने वाला नमक है।
पूरी दुनिया में कितने लोग है बीमार
टुफ्टस युनिवसिर्टी की 100 लोगों की टीम द्वारा तैयार किए गए शैक्षणिक लेख के अनुसार पहली बार सोडियम के प्रभाव का आंकलन किया गया। अंतिम निष्कर्ष के अनुसार वर्ष 2010 मे विश्व में लगभग 16.50 लाख लोग सोडियम के सामान्य से अधिक प्रयोग के कारण हृदय संबंधी बीमारियों के शिकार थे। इनमें से कई जानलेवा बीमारियों के भी शिकार थे।
निष्कर्ष तक पहुंचने में बिल और मेलिंडा गेटस फाउंडेशन द्वारा किये गए 205 सर्वेक्षण में 66 देशों के लोगों में उच्च रक्त चाप में सोडियम का प्रभाव पाया गया। शोधकर्त्ताओं द्वारा संयुक्त रूप से 187 देशों में प्रतिदिन 2 ग्राम से अधिक मात्रा में नमक के सेवन से मृत्यु होती है।
भारत में होती हैं सबसे ज्यादा मौतें
एक महत्तवपूर्ण शोध के अनुसार नमक और तंबाकू दोनों ही मानव मृत्यु और बीमारियों का कारण है। दिल्ली के एनाडोकरानोजिस्ट डॉ अनुप मिश्रा अनुसार नमक की अधिक मात्रा के प्रयोग के कारण होने वाली बीमारियों के कारण होने वाली मृत्यु दर में भारत सभी देशों में सबसे आगे है।
एनईजेएम द्वारा किये गए शोध के अनुसार पांच में से चार मृत्यु सोडियम की मात्रा में अधिकता के कारण होती है। सोडियम की अधिकता को आर्थिक रूप से पिछड़े देशों में यह आंकड़े सबसे अधिक है। शोध कर्ताओं सदस्यों के आकंड़ो के कुल होने वाली 16.50 लाख मौतों में प्रत्येक दस में से एक व्यक्ति की मृत्यु कार्डीओवैस्क्यलर के कारण होती है जो कि अधिक मात्रा में नमक के प्रयोग के कारण होता है। विश्च में सोडियम के अधिक प्रयोग को कम करने में कड़े नियमों को लगाने की आवश्यकता है।