एल्जाइमर के उपचार में अब एक नई उम्मीद जगी है। हाल में एक शोध में पाया गया है कि डायबीटीज के उपचार के लिए उपयोग में आने वाली कुछ दवाओं से एल्जाइमर के उपचार में भी सहायता मिल सकती है। वैज्ञानिकों का दावा है कि डायबीटीज की कुछ दवाओं द्वारा एल्जाइमर से दिमाग की कोशिकाओं को होने वाली क्षति को रोकने में मदद मिल सकती है।
बायोमेडिकल साइंसेज रिसर्च इंस्टिट्यूट के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में (val8)GLP-1 नामक दवा पर प्रयोग कर यह निष्कर्ष निकाला है। इस दवा का उपयोग GLP-1 नामक प्रोटीन को सक्रिय करने के लिए किया जाता है जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक है। इस दवा का प्रयोग चूहे पर किया गया।
शोधकर्ताओं ने माना कि एल्जाइमर के उपचार के लिए उन्होंने अब तक जिन दवाओं पर प्रयोग किया वह रक्त से मस्तिष्क की कोशिकाओं में पहुंच नहीं पा रही थीं लेकिन यह दवा रक्त से मस्तिष्क की कोशिकाओं में पहुंच भी गई और इसका कोई साइड एफेक्ट भी नहीं हुआ।
शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने चूहे के मस्तिष्क में GLP-1 के प्रभाव को रोक दिया जिससे उसकी याददाश्त कमजोर हो गई और फिर उसपर इस दवा का परीक्षण किया। शोधकर्ता प्रोफेसर हॉल्शर के अनुसार, 'चूहे की याददाश्त की स्थिति बिल्कुल एल्जाइमर के समान थी। हमने उस पर इस दवा का प्रयोग किया जिसका अब तक कोई साइड एफेक्ट नहीं दिखा है। भविष्य में इस दवा के प्रयोग से एल्जाइमर के उपचार की संभावना हो सकती है।' इस शोध का विस्तृत विवरण 'ब्रेन रिसर्च' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।