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मानसून की बारिश से हो सकती हैं ये बीमारियां, रहिए सावधान

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बारिश का मौसम आ चुका है और कई लोगों को बारिश में भीगना भी काफी पसंद होता है। जिनको नहीं भी पसंद होता वे भी मजबूरन ऑफिस या मार्केट जाते वक्त बारिश में भीग ही जाते हैं।
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लेकिन यह बारिश मन को जितना ही खुश और ताजा करती है उतना ही शरीर को नुकसान पहुंचाती है। जरूरी है कि ऐसे में आप अपना खास ख्याल रखें क्योंकि थोड़ी सी भूल चूक भी आपको गंभीर बीमारी का शिकार बना सकती है।

इन बीमारियां का अगर तुरंत इलाज नहीं किया जाए तो ऑपरेशन तक की नौबत आ सकती है। जानिए ऐसी कौन-कौन सी बीमीरियां हैं।

स्किन इंफेक्शन

गीली त्वचा में कई तरह के इंफेक्शन होते हैं। पैरों में खुजली होने या लाल ‌निशान दिखने पर इसे नजर अंदाज न करें बल्कि तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

लक्षण-
1) त्वचा में खुजली
2) अंधौरी या चकत्ते पड़ना
3) लाल निशान दिखना
4) त्‍वचा का ज्यादा नरम हो जाना
5) सफेद दाग पड़ना

इलाज-
ये लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह से एंटी फंगल दवाई या पाउडर लगा सकते हैं। कुछ मामलों में खाने वाली दवाई भी असरदार होती है।

आंख में इंफेक्शन

ऐसे मौसम में कनजक्टिवाइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है। बैक्टीरिया से होने वाले इंफेक्शन के कारण आंख की एक खास मेमब्रेन 'कंजक्टिवा' में जलन होने पर ही यह बीमारी होती है।

लक्षण-
1) आंखों से पानी आना
2) आंखें लाल या गुलाबी पड़ना
3) आंखों से पीले रंग का कचरा निकलना
4) सूजन आना

इलाज-
एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स और साथ में आईड्रॉप के इस्तेमाल से यह ठीक हो जाता है।

कान के बाहरी हिस्से में इंफेक्शन

कान के बाहरी हिस्से को इयरड्रम से जोड़ने वाली ट्यूब में अगर इंफेक्शन हो जाए और समय से इलाज न हो तो यह बहुत घातक हो सकता है। आप बहरे तक हो सकते हैं।

लक्षण-
1) कान के अंदर अत्यधिक खुजली
2) कान में दर्द
3) कान बंद हो जाना

इलाज-
डॉक्टर को दिखा कर एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स करना ही उपाय है।

टायफॉइड

बैक्टीरिया से होने वाले इंफेक्शन के कारण कई दिनों तक बुखार बने रहने और आंतों में सूजन आ जाने पर टायफॉइड हो सकता है।

लक्षण-
1) लंबे समय तक बुखार का बना रहना। 40 डिग्री सेल्सियस तक शरीर का तापमान पहुंच जाना।
2) गंभीर डायरिया की समस्या और बार-बार उल्टी होना
3) भूख मर जाना

इलाज-
एंटीबायोटिक्स

हेपेटाइटिस ई

वायरस के असर से लीवर में जलन महसूस होने पर हेपेटाइटिस ई बीमारी होती है।

लक्षण-
1) पीलिया
2) पीले रंग की शौच या दस्त होना
3) भूख न लगना
4) बुखार
5) उल्टी

इलाज-
लक्षण के हिसाब से इसका इलाज होता है। जिस इंसान में जैसे लक्षण दिखेंगे उसका उस तरह ही इलाज किया जाता है। लेकिन समय रहते इलाज होना जरूरी है वरना जान को खतरा हो सकता है।
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हेपेटाइटिस ए

हेपेटाइटिस ए बीमारी भी लीवर में खतरनाक इंफेक्शन होने के कारण होती है।

लक्षण-
1) बार बार उबकाई आना
2) उल्टी होना
3) हल्का हल्का बुखार
4) डायरिया
5) अत्यधिक थकान होना

इलाज-
इसका इलाज भी लक्षण के हिसाब से ही होता है।
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