फेसबुक की प्रोफाइल फोटो हो या फिर स्मार्टफोन का वॉलपेपर, अपने फोन से खींची हुई खुद की ही तस्वीर यानी 'सेल्फी' का क्रेज आजकल युवाओं के सिर चढ़ कर बोल रहा है।
ऐसे में अपनी 'सेल्फी' को परफेक्ट बनाने के लिए न केवल फोटोशॉप या तरह-तरह की एप्लिकेशन्स का इस्तेमाल युवा करते हैं बल्कि खुद में बदलाव करवाने से भी नहीं हिचक रहे।
शोधों की मानें तो सेल्फी का बढ़ता चलन 30 साल से कम उम्र के लोगों में नाक की सर्जरी से लेकर बालों के ट्रांस्पलांट तक को तवज्जो दे रहे हैं।
इस बारे में कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. मोहन थॉमस का मानना है कि विदेश जितना नहीं, फिर भी काफी हद तक युवाओं में प्लास्टिक सर्जरी की मांग का संबंध सेलिब्रिटीज जैसा दिखने की चाहत और उनसे अपनी सेल्फी की तुलना हो सकता है।
डॉ. थॉमस के अनुसार, ''विदेशों में सेल्फी में नजर आने वाली अपनी कमयिं को छिपाने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी अब आम है लेकिन भारत में अपनी सेल्फी और सितारों की फोटो को मिलाते हुए उनके जैसा दिखने की चाहत युवाओं में अधिक है।''
हालांकि थॉमस यह भी मानते हैं कि खूबसूरत दिखने के लिए सिर्फ प्लास्टिक सर्जरी ही काफी नहीं है, आपका आत्मविश्वास और आंतरिक सौंदर्य भी जरूरी है।