कच्ची हल्दी की सब्जी अब विलुप्ति की कगार पर है। नई पीढ़ी तो इसकी रेसिपी को जानती भी नहीं है। यह एक पारंपरिक रेसिपी है जो मारवाड़ के लोगों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। मारवाड़ के पुराने लोग आज भी इस रेसिपी को बनाना इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह सेहत के लिए लाभकारी तो है ही, साथ ही स्वाद में भी एक नंबर है। जिन लोगोंं को जोड़ों और हडि्डयों को दर्द होता है, उनके लिए यह बहुत लाभकारी है। साथ ही इसको खाने से रोग- प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। अगली स्लाइड्स से जानिए कच्ची हल्दी की सब्जी के सेवन से होने वाले लाभ।
सामग्री-
1 प्याज बारीक कटा हुआ
4 हरे प्याज़ बारीक कटे हुए
8 हरी लहसुन बारीक कटे हुए
12 कलियां लहसुन की बारीक कटी हुई
2 हरी मिर्च बारीक कटी हुई
1 टमाटर बारीक कटा
1 चम्मच अदरक बारीक कटा हुआ
4 बड़े चम्मच मटर के दाने
50 ग्राम कच्ची हल्दी
1 छोटा चम्मच नमक
1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
2 चम्मच देसी घी
4 लौंग
2 तेज पत्ते
1 मोटी इलायची
1 छोटी इलायची
1 टुकड़ा दालचीनी
2 तेज पत्ती
1 बड़ा चम्मच दही
बनाने का तरीका-
हल्दी, टमाटर, प्याज, हरा प्याज, हरा लहसुन, सफेद लहसुन की कलियां, हरी मिर्च, अदरक सब को बारीक काट लें। तेजपत्ता, दालचीनी, लौंग, छोटी इलायची, मोटी इलायची सभी खड़े मसाले तैयार कर लें। फिर एक कढ़ाई में दो चम्मच देशी घी लीजिए। यह गर्म हो जाने पर उसमें हींग, जीरा और तेज पत्ते डालिए और उसे थोड़ा चलाए। फिर उसमें हरे मटर, हरा प्याज, हरी लहसुन, हरी मिर्च, अदरक डालेंगे और उसे चलाएंगे साथ ही उसमें बारीक कटी हुई हल्दी और टमाटर मिलाएंगे और नमक डालकर अच्छी तरह चलाएंगे। जब टमाटर पकने लगेंगे तब उसमें एक चम्मच दही डालेंगे और लगातार चलाते हुए अच्छी तरह पकाएंगे। सब्जी को 10 मिनट तक ढंककर पकाएंगे जिससे उसमें टमाटर और मटर अच्छी तरह गल जाएं। गरमा गरम हल्दी की सब्जी बनकर तैयार है।