बच्चों का फिटनेस लेवल पहले की अपेक्षा तेजी से कम हो रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।
खास बात यह है कि खराब फिटनेस के लिए अब बच्चों में मोटापे को जिम्मेदार नहीं माना जा रहा है।
ताजा रिसर्च में 2009 में की गई एक स्टडी को आधार बनाया गया है। रिसर्च के मुताबिक बीते 10 सालों में बच्चों के फिटनेस लेवल में आठ प्रतिशत तक गिरावट हुई है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि पहले के मुकाबले अब बच्चे ज्यादा पतले होते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अब पांच प्रतिशत से भी कम स्कूली बच्चे मोटापे का शिकार हैं और उनका बीएमआई का स्तर पहले के मुकाबले काफी कम है।
इसके बावजूद आजकल के बच्चे तेज नहीं दौड़ पाते हैं। इसके लिए कार्डियो-रेस्पिरेटरी समस्याओं को जिम्मेदार माना जा रहा है।
प्रमुख शोधकर्ता गैविन सैंडरकॉक के अनुसार बीएमआई कम होना अच्छा है, लेकिन फिटनेस का स्तर कम होना ठीक नहीं है।
शोधकर्ताओं को उम्मीद थी कि मोटापे से ग्रस्त बच्चों की अपेक्षा कम बीएमआई वाले बच्चों की फिटनेस बेहतर होगी। लेकिन, ताजा रिसर्च में उन्हें ऐसा कुछ हाथ नहीं लगा।