लोक आस्था का पर्व छठ बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व पर हर एक दिन प्रसाद में कुछ खास बनने का रिवाज है। छठ के दूसरे दिन जिसे खरना कहा जाता है घरों में प्रसाद के लिए महिलाएं रसिया बनाती हैं। खीर बनाने के लिए आम की लड़की और मिट्टी के चूलहे का उपयोग किया जाता है। खरना का प्रसाद बनाने के लिए चावल, दूध और गुड़ का उपयोग किया जाता है। चावल और दूध चंद्रमा का प्रतीक है तो गुड़ सूर्य का प्रतीक है। तीनों के मिश्रण से बनी खीर को रसिया कहते हैं। इसको ग्रहण करने से स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। मानसिक रोग से भी छुटकारा मिलता है। इसके साथ हीं खरना का प्रसाद खाने वाले को चर्मरोग नहीं होता है।
खीर
- फोटो : file photo
इस प्रसाद को छठ के दूसरे दिन बनाकर सूर्य देवता को चढ़ाया जाता है। इसे रोटी या पूरी के साथ सर्व किया जाता है। आइए जानते हैं इसे बनाने के सही तरीके के बारे में।
खीर
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सामग्री -
चावल - ½ (80 ग्राम)
गुड़ - 3/4 कप बारीक तोड़ा हुआ (150 ग्राम)
फुल क्रीम मिल्क - 1 लीटर
बादाम - 8-10
काजू - 8-10
किशमिश - 2 टेबल स्पून
इलायची - 5-6
खीर
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विधि -
- रसिया यानी गुड़ की खीर बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बरतन में दूध उबालने के लिए रख दीजिए।
-इसके साथ ही सूखे मेवों को बारीक टुकड़ों में काट कर तैयार कर लीजिए।
-इसके साथ ही आधा कप चावल साफ करके धोकर 2 घंटे के लिए पानी में भिगो कर रख दीजिए।
-दूध में उबाल आने पर चावलों को दूध में डाल कर मिला दीजिए। दूध को चम्मच से चलायें और खीर में उबाल आने के बाद गैस को धीमा कर दें। खीर को हर 1-2 मिनट में चलाते रहें ताकि वो बर्तन के तले पर न लगने पाएं।
-दूसरे बरतन में ½ कप पानी और गुड़ डाल कर गैस पर रख लें। जब गुड़ पानी में पूरी तरह से घुल जाए तो गैस बंद कर दें।
-जब चावल मुलायम हो जाएं तब खीर में काजू, किशमिश और बादाम डाल दें। चावल जब दूध में अच्छे से मिल जाए तो उसमें इलायची पाउडर डाल दें।
-खीर के ठंडा हो जाने पर, गुड़ का घोल छलनी से छान कर खीर में मिला दें। खीर बनकर तैयार है।
खीर
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सुझाव:
-दूध में चावल डालने के बाद उसे हर 1-2 मिनट में चलाते रहें, ताकि खीर बरतन के तले से न लगे।
-गुड को खीर में ठंडा होने के बाद ही डालें क्योंकि गरम खीर में गुड़ डालने पर दूध फट सकता है।