अहमद असलम अली का निधन
1970 के दशक में असलम अली का ग्लासगो में शीश महल नाम का एक रेस्तरां था। इस रेस्तरां में उन्होंने एक दिन टमाटर के सूप से तैयार चटनी में सुधार करके चिकन टिक्का का आविष्कार किया था। अहमद के परिवार और भतीजे अंदलीब अहमद ने जानकारी दी कि बीते सोमवार को 77 साल की आयु में अहमद असलम अली की निधन हो गया। बीते साल तबीयत खराब होने के कारण दिसंबर में क्रिसमस के वक्त वह अस्पताल में भी भर्ती थे। अली के परिवार में पत्नी, तीन बेटे और दो बेटियां हैं।
कौन हैं अहमद असलम अली?
अहमद असलम अली मूल रूप से पाकिस्तान में पंजाब क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। कम उम्र में ही वह अपने परिवार के साथ ग्लासगो में आकर बस गए थे और 1964 में ग्लासगो वेस्ट में उन्होंने शीश महल रेस्तरां की शुरुआत की।
अहमद असलम अली का रेस्तरां?
अहमद असलम के बारे में उनके भतीजे अंदलीब ने बताया कि वह रोजाना अपने रेस्तरां में ही लंच किया करते थे। रेस्तरां ही उनकी जीवन था। वहां काम करने वाले शेफ उनके लिए करी बनाया करते थे। हालांकि ये नहीं कह सकते कि वह अक्सर चिकन टिक्का मसाला खाते थे। लेकिन अहमद अपने काम को लेकर काफी परफेक्शनिस्ट थे।
चिकन टिक्का मसाला का आविष्कार कैसे हुआ?
साल 2009 में अहमद असलम अली ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया था कि वह रेस्तरां में आए एक ग्राहक की शिकायत की थी कि उनका चिकन टिक्का बहुत ड्राई है। शिकायत के बाद असलम अली ने चिकन टिक्का मसाला की रेसिपी तैयार की थी। अली का कहना था कि चिकन टिक्का मसाले का आविष्कार इसी रेस्तरां में हुआ। एक दिन एक ग्राहक ने कहा कि वह चिकन टिक्का ड्राई है, इसलिए वह कुछ साॅस लेना चाहता है।
ब्रिटिश स्वाद के मुताबिक किया तैयार
इस पर असलम अली को ख्याल आया कि क्यों न हम चिकन को कुछ साॅस के साथ पकाएं। तब से हम चिकन टिक्का को दही, क्रीम और मसालों से तैयार साॅस के साथ पकाते हैं। यह डिश लोगों को इतनी पसंद आ गई कि ब्रिटिश रेस्तरां की सबसे लोकप्रिय डिश बन गई। अली ने बताया कि पश्चिमी देशों के लोग हाॅट करी नहीं खा पाते हैं, ऐसे में क्रीम और दही के साथ इसे तैयार किया जो कि कस्टमर के स्वाद के मुताबिक रहा। अली के मुताबिक, वह अपने ग्लासगो को इस डिश के तौर पर कुछ तोहफा देना चाहते थे।
ब्रिटिश नेशनल डिश बनी चिकन टिक्का मसाला
पूर्व विदेश मंत्री रॉबिन कुक ने एक बार कहा था कि यह ब्रिटिश कल्चर के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा था कि चिकन टिक्का मसाला अब ब्रिटिश नेशनल डिश बन गई है। केवल बहुत लोकप्रियता के कारण ही नहीं, बल्कि ब्रिटिश लोगों द्वारा बाहरी तौर तरीकों को आत्मसात करने का भी यह बेहतर उदाहरण है।