गर्भवस्था के दौरान आप गर्भ में पल रहे अपने शिशु से जो बाते करते हैं, उसे वह याद कर सकता है। फिनलैंड के एक शोध में पाया गया है कि बच्चे अपने अभिभावकों की बातों को गर्भ के भीतर से ही याद रखते हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ हेलिंस्की को प्रोफेसर ह्यूटिलैनेन बताते हैं, ''गर्भ के भीतर शिशु शून्य नहीं होते हैं बल्कि उनमें भाषाई समझ आ जाती है। यही वजह है कि वे गर्भ में जो शब्द सुनते हैं उन्हें सीख लेते हैं और याद रखते हैं।''
शोधकर्ताओं ने अपने शोध के आधार पर यह बताया कि हम कई बार कुछ गानों, शब्दों या किताब में लिखी बातों को याद तो रखते हैं लेकिन हमें यह नहीं याद आता है कि हमने यह कब सुना था क्योंकि यह सब हम गर्भ के भीतर सुन रहे होते हैं।
नेशनल एकैडमी ऑफ साइंस जर्नल में प्रकाशित शोध के दौरान 33 मीहलाओं के गर्भ के भीतर बच्चों से 'टाटाटा' शब्द बार-बार कराब 100 बार सुनाया गया जिसका कोई मतलब नहीं है। फिर उनकी प्रतिक्रियाओं का निरीक्षण किया गया।
इसके बाद शोधकर्ताओं ने उनसे 'टाटोटा' और इससे मिलते-जुलते शब्दों में बात की और उनकी प्रतिक्रियाओं का निरीक्षण किया। गर्भावस्था के 29वे सप्ताह में उन्हें फिर से 'टाटाटा' शब्द सुनाया गया और उनके मस्तिष्क की स्कैनिंग की गई। शोधकर्ताओं ने उनका प्रतिक्रियाओं के आधार पर माना है कि उन्हें यह शब्द याद रहा जिस वजह से उन्होंने सिर्फ इसी शब्द पर प्रतिक्रिया दी।
प्रोफेसर का मानना है कि अभिभवकों को सजग रहना चाहिए कि वे गर्भावस्था के दौरान कैसा माहौल रखते हैं और क्या बाते करते हैं क्योंकि उनके बातें गर्भ के भीतर शिशु न सिर्फ सुनता है बल्कि याद भी रखता है।