हाल में एक शोध में माना गया है कि अस्थमा यानी दमा की मरीज महिलाओं को गर्भधारण करने में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है।
पुरुषों की मर्दानगी घटा सकती हैं ये चीजें
डेनमार्क की बिस्पेबजर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 15,000 प्रतिभागियों के अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। इन प्रतिभागियों में से 955 महिलाएं दमा की मरीज हैं।
गर्भावस्था में यह उपाय बढ़ाता है बच्चे का दिमाग
शोधकर्ताओं ने पाया कि सामान्यतः 21 प्रतिशत महिलाओं को गर्भधारण में समय लगता है जबकि 27 प्रतिशत महिलाएं जिन्हें गर्भधारण करने में समय लगा, दमा की मरीज हैं। उनका दावा है कि दमा की मरीज महिलाओं में गर्भधारण का रिस्क 30 प्रतिशत अधिक है।
एक घंटे में वीर्य बढ़ाने का उपाय जरूर जानना चाहेंगे आप
इतना ही नहीं, इस शोध में यह भी पाया गया कि दमा की मरीज हर तीन में से एक महिला 30 साल की आयु के बाद ही मां बन पाती है। हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भा माना है कि दवाओं से इस स्थिति का उपचार संभव है।
शोधकर्ता एलिजाबेथ जूल गेड के अन्ुसार, ''हमने शोध में पाया कि दमा की मरीज महिलाओं को गर्भधारण में अधिक समय लगता है लेकिन वे दवा से दमा को नियंत्रित रखें तो यह रिस्क कम हो सकता है।''
यह शोध यूरोपियन रेसपिरेट्री जर्नल में प्रकाशित हुआ है।