फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए, क्यों लाइलाज है एड्स

विज्ञापन
विज्ञापन
एक नए शोध से पता चला है कि एचआईवी शरीर में बहुत तेज़ी से अपनी जगह बना लेता है।
विज्ञापन


यह नई खोज इस उम्मीद को झटका देने वाली है कि शुरुआती चरण में एचआईवी का इलाज़ शुरू कर देने पर एड्स के ख़तरे को टाला जा सकता है।

पढ़ें - एचआईवी संक्रमण रोकने की दिशा में बड़ी उपलब्धि

'नेचर' जर्नल में प्रकाशित इस शोध का कहना है कि खून में एचआईवी आने से पहले भी शरीर में वायरस अन्य स्थानों पर इकट्ठा रहते हैं।

पढ़ें - सामान्य कंडोम की तुलना में कहीं बेहतर होगा यह कंडोम

वायरस आँत और मस्तिष्क की कोशिकाओं में जमा रहते हैं। एचआईवी के इलाज़ में छुपे हुए ये वायरस सबसे बड़े बाधक हैं।

वापस आ गए वायरस
विशेषज्ञों ने इसे "एहतियाती" और "असधारण" खोज बताया है।

एंटी रेट्रो वायरल दवाइयां एचआईवी को खून में आने से रोकती है जिससे मरीज एक सामान्य जीवन जी पाता है।

लेकिन जैसे ही मरीज दवाइयां लेना बंद करता है वायरस अपने जमा ठिकानों से बाहर आना शुरू कर देते हैं।

अमरीका के मिसीसिपी राज्य में एक बच्ची के बारे में लगा था कि जन्म के कुछ घंटे बाद ही इलाज़ करने की वजह से वह एचआईवी से मुक्त हो गई है लेकिन चार साल बाद वायरस के लक्षण फिर से वापस दिखाई देने लगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें