कासिमपुर थाना क्षेत्र में झोलाछाप के इलाज से युवक की हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर संडीला के एक प्राइवेट नर्सिंग होम पहुंचे। जहां युवक की मौत हो गई। नाराज परिजनों ने झोलाछाप को बंधक बना लिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कासिमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंतपुर निवासी वीरेंद्र सिंह के पुत्र प्रदीप सिंह को कुछ दिन से बुखार आ रहा था। पास के गांव जरहा में वह डाक्टर बंगाली के नाम से पहचाने जाने वाले झोलाछाप के पास शाम को दवा लेने चला गया था। परिजनों की माने तो झोलाछाप ने प्रदीप के एक इंजेक्शन लगाया। इसके बाद प्रदीप घर वापस आ गया। घर पहुंचते ही प्रदीप के शरीर में खुजली पड़ने लगी। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर संडीला के एक नर्सिंग होम गए। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से नाराज परिजनों ने जरहा निवासी झोलाछाप को बंधक बना लिया। थानाध्यक्ष संजय मौर्या ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। युवक संडीला में ही वाहन चलाने का काम करता था। परिवार में पत्नी शिवानी के अलावा दस वर्षीय पुत्री अंजली, आठ वर्षीय पुत्री आयुषी और पांच वर्षीय पुत्र अनमोल है।