बुखार महामारी बन रहा है। बुखार की चपेट में आकर लोगों के मरने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। पिछले चौबीस घंटे में बुखार की चपेट में आकर चार की जान चली गई। जबकि बुखार की चपेट में आए दस व्यक्तियों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहर कोतवाली के मझरेता निवासी सदाराम की पत्नी रामवती (55) को पिछले पांच दिन से बुखार आ रहा था। परिजन गांव के चिकित्सकों से उसका इलाज करा रहे थे। शनिवार शाम उसकी हालत गंभीर हो गई। इसके चलते परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर इलाज के दौरान शनिवार रात उसकी मौत हो गई। उधर, सांडी थाना क्षेत्र के कतलपुरवा निवासी विजयपाल की पत्नी सुनीता (30) को पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजन कस्बा के चिकित्सकों से उसका इलाज करा रहे थे। रविवार सुबह सुनीता की हालत गंभीर हो गई। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उसकी मौत हो गई। इसके अलावा शहर के मोहल्ला महोलिया शिवपार निवासी प्रमोद की पत्नी बबली (35) को पिछले चार दिन से बुखार आ रहा था। परिजन निजी चिकित्सक से उसका इलाज करा रहे थे। रविवार दोपहर करीब 2 बजे उसकी हालत गंभीर हो गई। इस पर परिजन उसे जिला अस्पताल ले आए। जहां पर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शवों का बगैर पोस्टमार्टम कराए ले गए। इसके अलावा रविवार को बुखार से हालत गंभीर होने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में अंकित (18) पुत्र श्रीकृष्ण, स्वेता (19) पुत्री उदय प्रताप, सुनीता (30) पत्नी जगदीश, सीमा (30) पत्नी धीरू, प्रेम कुमारी (50) पत्नी अखिलेश, श्याम किशन (70) पुत्र मंगूलाल, वीरेंद्र (40) पुत्र प्यारेलाल, रितिका (80) पुत्री भगतराम, आरती (30) पत्नी कन्हैयालाल और निशा (20) पुत्री रियासत को भर्ती कराया है।
झोलाछाप के चक्कर में गई जान
सांडी (ब्यूरो)। थाना क्षेत्र के ऐेड़ा गांव निवासी मदारी के बेटे हर्षित (4) को पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिजन गांव में झोलाछाप से उसका इलाज करा रहे थे। शनिवार को हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई।