पूजन थाली की आवश्यक सामग्री
हरतालिका तीज व्रत की पूजा में सबसे पहले एक सुंदर पूजन थाली तैयार करनी होती है। इसमें हल्दी, कुमकुम, चावल, अक्षत, रोली, दीपक, रुई की बत्ती, घी, अगरबत्ती और जल से भरा कलश शामिल करना जरूरी है। यही सामग्री पूजा का आधार मानी जाती है।
देवी-देवताओं की सजावट की वस्तुएं
भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या चित्र की स्थापना के लिए सुंदर वस्त्र, फूल-मालाएँ, श्रृंगार सामग्री और बेलपत्र की जरूरत होती है। इसके साथ ही पूजा स्थल को स्वच्छ और सजे-धजे रूप में रखना भी शुभ माना जाता है।
व्रत करने वाली महिलाओं के लिए श्रृंगार सामग्री
हरतालिका तीज पर महिलाएँ सोलह श्रृंगार करती हैं। इसके लिए चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, काजल, मेहंदी, आलता, गहने और सुहाग की अन्य वस्तुएँ खासतौर से रखी जाती हैं। यह सामग्री न सिर्फ पूजा का हिस्सा है, बल्कि व्रत की पवित्रता का भी प्रतीक है।
नैवेद्य और प्रसाद सामग्री
पूजा में फल, मिठाई, पान, सुपारी, नारियल और मौसमी फलों का होना जरूरी है। इसके साथ ही तीज व्रत में विशेष पकवान और प्रसाद तैयार किया जाता है। प्रसाद में खासतौर पर खीर, हलवा और लड्डू का महत्व होता है।
व्रत कथा और पूजन के लिए आवश्यक वस्तुएं
हरतालिका तीज की पूजा अधूरी मानी जाती है यदि व्रत कथा न पढ़ी जाए। इसके लिए पूजा पुस्तिका, आसन, पंखा, दान की वस्तुएँ और दक्षिणा भी तैयार रखी जाती हैं। कथा सुनना और करवाना दोनों ही व्रत का अभिन्न हिस्सा है।