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Hanuman Janmotsav: हनुमान जयंती या हनुमान जन्मोत्सव, 2 अप्रैल 2026 को क्या है?

Wed, 01 Apr 2026 11:18 AM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Hanuman Jayanti 2026: साल 2026 में हनुमान जयंती 2 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में विशेष पूजा, व्रत और भजन-कीर्तन किए जाते हैं। इसे हनुमान जन्मोत्सव भी कहा जाता है।

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हनुमान जयंती और हनुमान जन्मोत्सव में अंतर - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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Hanuman Jayanti 2026 Kab Hai: हनुमान जयंती हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे भगवान हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। साल 2026 में यह पावन पर्व अप्रैल के महीने में मनाया जाएगा। हर साल हनुमान जन्मोत्सव चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को आता है। इसे बहुत शुभ दिन माना जाता है।

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मान्यता है कि इस दिन अंजनी पुत्र हनुमान जी का जन्म हुआ था। यह दिन भक्ति, शक्ति और विश्वास का प्रतीक है। इस अवसर पर पूजा-अर्चना कर भगवान हनुमान का आशीर्वाद प्राप्त करें। हालांकि कई लोगों के मन में सवाल होता है कि इसे हनुमान जयंती कहा जाए या हनुमान जन्मोत्सव? 

कुछ लोग इसे हनुमान जयंती के रूप में मनाते हैं तो कुछ हनुमान जन्मोतसव के नाम से जानते हैं। लेकिन दोनों में क्या फर्क है? आइए जानते हैं कि इस वर्ष हनुमान जयंती कब है और हनुमान जयंती व हनुमान जन्मोत्सव में क्या अंतर है। 
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2 अप्रैल 2026 को क्या है?

इस साल हनुमान जयंती या हनुमान जन्मोत्सव 2 अप्रैल 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त भगवान हनुमान की पूजा कर उनसे शक्ति, बुद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं। हनुमान जी को भक्ति, साहस और निष्ठा का प्रतीक माना जाता है।


कैसे मनाया जाता है हनुमान जन्मोत्सव?
 

  • इस दिन सुबह स्नान कर मंदिर में पूजा करें।

  • हनुमान चालीसा का पाठ करें।

  • व्रत रखें और प्रसाद चढ़ाएं।

  • भजन-कीर्तन और सुंदरकांड का पाठ करें।


हनुमान जयंती या जन्मोत्सव, क्या अंतर है?

असल में जयंती और जन्मोत्सव दोनों का मतलब जन्मदिन से ही होता है। दोनों ही नाम सही हैं और एक ही पर्व को दर्शाते हैं। 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती यानी हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

जयंती और जन्मोत्सव के बीच मुख्य अंतर है, जीवन और मृत का। दरअसल, जयंती उन महापुरुषों का जन्मदिन है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं यानी जिनकी मृत्यु हो जाती है, उनकी जयंती मनाई जाती है। लेकिन जन्मोत्सव जीवित व्यक्ति या अमर देवी देवताओं के जन्मदिन का मौका होता है। 

हनुमान जी अजर-अमर हैं। पुराणों में बजरंगबली के चिरंजीवी होने का विवरण मिलता है, इसलिए उनके जन्मदिन को जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, ना कि जयंती के तौर पर। 
 

 

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