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Govardhan Puja 2024: गोवर्धन पूजा पर इस आसान विधि से बनाएं गोबर का पर्वत? इन नियमों का करें पालन

Sat, 02 Nov 2024 09:20 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हर साल दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। महिलाएं इस दिन गाय के गोबर से पर्वत की आकृति बनाती हैं और फिर उसकी पूजा करती हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि आप कैसे घर पर आसानी से गोवर्धन पर्वत बना सकती हैं और पूजा कर सकती हैं।
 
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गोवर्धन पूजा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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रूबी शुक्ला

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Govardhan Puja 2024: पांच दिनों के पर्व दिवाली की शुरुआत हो चुकी है। धनतेरस से इस महापर्व की शुरुआत होती है, जिसके बाद नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है। इसके बाद दिवाली, फिर गोवर्धन पूजा और पांचवे दिन भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस बार गोवर्धन पूजा शनिवार यानी 2 नवंबर को की जाएगी। इस दिन गाय के गोबर से पर्वत की आकृति बनाई जाती है और शुभ मूहूर्त के दौरान इसकी पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्रदेव का अंहकार तोड़ने के लिए अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया था और भारी बारिश से ब्रजवासियों की रक्षा की थी। इसी के बाद से इस पर्व को मनाने की शुरुआत हुई।

हर साल दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। महिलाएं इस दिन गाय के गोबर से पर्वत की आकृति बनाती हैं और फिर उसकी पूजा करती हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि आप कैसे घर पर आसानी से गोवर्धन पर्वत बना सकती हैं और पूजा कर सकती हैं।
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गोवर्धन पर्वत के लिए सामग्री?

हिंदु धर्म में गोवर्धन पूजा का बेहद महत्व है। घर पर गोवर्धन पर्वत बनाने के लिए गाय का ताजा गोबर, गोबर को आकृति देने के लिए लकड़ी, भगवान के वस्त्र, तिलक के लिए सफेद या पीला चंदन, मोर पंख, दीपक और फूल की जरूरत होती है।



कैसे बनाएं गोवर्धन पर्वत?

गोवर्धन पर्वत बनाने के लिए गाय का गोबर लाएं, इस गोबर से एक बॉर्डर बना लें। इसी के अंदर एक पहाड़ की आकृति बनाएं। अब लकड़ी की सहायता से इसे आंख, नाक, कान बनाकर चेहरे का आकार दें। इसके आस-पास गाय, पेड़-पौधे और भगवान कृष्ण की भी आकृति बना लें। इसे चंदन, फूल और वस्त्र की सहायता से सजाएं। ज्यादातर घरों में सिर्फ गोवर्धन पर्वत बनाकर ही पूजा की जाती है।

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