फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गिफ्ट की पैकिंग ऐसी हो कूड़े में फेंकने के बाद भी प्रदूषण की जगह हरियाली फैलाए

Mon, 09 Apr 2018 09:30 AM IST
किरण मिश्रा
विज्ञापन
विज्ञापन
उनके लिए इस दुनिया में कुछ भी बेकार नहीं। और जो नष्ट हो रहा है उसमें खूबसूरती और जिंदगी ढूंढकर लोगों को अचंभित कर एक नई दुनिया में आपको ले चलने का काम कर रही हैं जयपुर की पिंकी माहेश्वरी। किसी को कोई उपहार दो, तो उसकी पैकिंग ऐसी होनी चाहिए कि उसे देखते ही मुंह से निकले ‘वाह’। और फिर जब इस्तेमाल के बाद बैग को कूड़े में फेंकें, तो वह भी प्रदूषण फैलाने की बजाय हरियाली फैलाए। इसी थीम पर काम कर रही हैं जयपुर की पिंकी माहेश्वरी, अपने स्टार्टअप 'सरप्राइज समवन' के माध्यम से।
विज्ञापन


एमबीए करने के बाद पिंकी एक ग्लोबल एडवरटाइजिंग कंपनी में लगभग आठ साल तक काम करती रहीं और फिर जयपुर में भी एक-दो साल तक काम किया। शादी होने और फिर मां बनने के बाद उन्होंने फैसला किया कि अब वह नौकरी नहीं करेंगी और खुद का कोई काम करेंगी। पिंकी बताती हैं, ‘नौकरी छोड़ने के कुछ महीने बाद मेरे एक साथी ने मुझसे हाई-प्रोफाइल कुछ मेहमानों के लिए हैंडमेड वेलकम कार्ड्स बनाने के लिए कहा। चूंकि मैं काम के दौरान क्रिएटिव काम से ही जुड़ी हुई थी, इसलिए उन्हें मेरी रुचि के बारे में पता था। तब मैंने कुल 150 मेहमानों के लिए कार्ड्स बनाए। उस कार्ड्स को काफी पसंद किया गया। 
 

हालांकि, मैंने पैसे के लिए काम नहीं किया था। लेकिन बाद में मुझे उस काम के लिए 15 हजार रुपए मिले, जिसकी मैंने उम्मीद भी नहीं की थी। मुझे यही से प्रेरणा मिली और मैं कुछ अलग करने की कोशिश में लग गई। क्राफ्ट में रुचि बचपन से थी, इसलिए मैंने ईकोफ्रेंडली पेपरबैग, गिफ्ट रैपर, आमंत्रण कार्ड वगैरह बनाने का काम शुरू किया। मैंने अपनी मां शारदा डागा के साथ मिलकर 2015 में "सरप्राइज समवन" स्टार्टअप की शुरुआत की। पेड़ बचे रहे, इसलिए मैंने कपड़ों से पेपर बनाने का काम शुरू किया। और फिर उससे गिफ्ट रैपर या बैग बनाने लगी। आइडिया डेवलप करने का काम मैं खुद देखती हूं, लेकिन एग्जीक्यूशन और हिसाब-किताब का काम मां संभालती हैं।

 इस स्टार्टअप से 39 आर्टिस्ट और 10 टीम मेंबर्स जुड़े हैं। कुछ स्कूल-कॉलेजों के संपर्क में हूं, ताकि वहां से पुरानी फाइलें, जो रद्दी फेंक दी जाती हैं, उसे इकट्ठा करके हम फिर से इस्तेमाल से लायक बनाने की सोच रहे हैं। फिलहाल इस पर मेरा रिसर्च वर्क चल रहा है। मेरा स्टार्टअप सेल्फ-फंडेड है। सेल से जो भी पैसा आता है, उसे आगे प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर खर्च कर दिया जाता है। फिलहाल ये वेंचर सिर्फ ऑनलाइन उपलब्ध है और मार्केटिंग के लिए कंपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही है। सबसे खास बात यह है कि भारत सरकार द्वारा भारत के शीर्ष 50 स्टार्टअप में मुझे शामिल किया गया है।
 
विज्ञापन

क्या है खास
‘सरप्राइज समवन’ ग्राहकों की छोटी-छोटी खुशियों का ख्याल रखता है। इस गिफ्ट्स की खास बात यह है कि आप गिफ्ट का इस्तेमाल करने के बाद उसे पौधे के बीज के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं और पौधा उगा सकते हैं। स्टार्टअप के सभी प्रोडक्ट्स रिसाइकिल्ड पेपर्स से बने होते हैं और उनमें बीज (सीड्स) मौजूद होते हैं। कॉटन रैग्स और वेस्ट कॉटन की मदद से भी रिसाइकिल्ड पेपर तैयार करते हैं। इसी तरह सीड पेंसिल्स भी हैं।

ये पेंसिल्स 100 प्रतिशत बायो-डिग्रेडेबल हैं और इन्हें भी रिसाइकिल्ड पेपर और पुराने न्यूजपेपर्स की मदद से तैयार किया जाता है। इरेजर की जगह पर इन पेंसिल्स में सीड कैप्सूल लगे होते हैं। पेंसिल का इस्तेमाल खत्म हो जाने पर आप इन कैप्सूल्स को मिट्टी में रोप सकते हैं। इन्हें पानी वगैरह उपलब्ध कराएं, तो दो हफ्तों के भीतर इनके अंदर के बीज बढ़ने लगेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें