Gardening Tips: अगर आपके घर के पौधे मुरझा रहे हैं, पत्तियां पीली हो रही हैं या बिल्कुल सूखने की कगार पर हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। महंगे फर्टिलाइज़र नहीं, बल्कि आपकी रसोई ही उन्हें नई जिंदगी दे सकती है। केले के छिलके, चायपत्ती, छाछ, प्याज के छिलके और दाल का पानी आदि रसोई घर से रोज कचरे के तौर पर निकलने वाली ये चीजें नेचुरल टॉनिक की तरह पौधों पर काम करते हैं। इनका उपयोग सही तरीके से करके घर पर ही पौधों के लिए नेचुरल खाद बना सकते हैं, जिससे मुरझा रहे पौधे एक बार फिर खिल उठेंगे। आइए जानते हैं रसोई घर के किन कचरों का उपयोग खाद की तरह किया जा सकता है और कैसे।
केले का छिलका
केले का छिलका फेंकने की गलती न करें। ये प्राकृतिक पोटैशियम सप्लीमेंट है। केले के छिलकों में भरपूर पोटैशियम और फॉस्फोरस होता है, जो पौधों की जड़ों को मजबूत करता है और फूलों को खिलने में मदद करता है। इसके इस्तेमाल के लिए छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटें और मिट्टी में मिला दें। चाहें तो एक लीटर पानी में रातभर भिगोकर उसी पानी से पौधों को सींच सकते हैं।
इस्तेमाल की हुई चायपत्ती
भारतीय घरों की रसोई में दिन में कम से कम दो बार चाय तो जरूर बनती है। चाय बनने के बाद इस्तेमाल हुई चायपत्ती से खाद बना सकते हैं। यह मिट्टी के लिए मल्टीविटामिन के गुण रखती है। बची हुई चायपत्ती पौधों के लिए एक बढ़िया ऑर्गेनिक खाद है। ये मिट्टी की क्वालिटी सुधारती है और फंगल इंफेक्शन से बचाती है। इस्तेमाल करने के लिए चायपत्ती को धोकर सूखा लें और सीधे मिट्टी में मिलाएं या खाद में डालें।
छाछ
छाछ बैक्टीरिया से लड़ने वाली टॉनिक है। छाछ में मौजूद लैक्टिक एसिड पौधों की जड़ों को फंगल इंफेक्शन से बचाता है और मिट्टी के pH को बैलेंस करता है। एक भाग छाछ को तीन भाग पानी में मिलाकर पौधों पर स्प्रे करें या जड़ों में डालें।
प्याज के छिलके
माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर प्याज के छिलकों में आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम होता है, जो पौधों की वृद्धि में मदद करता है। प्याज के छिलकों को पानी में रातभर भिगोकर छान लें और उससे पौधों को पानी दें।
दाल या सब्जियों का बचा पानी
उबली दाल या सब्जियों का पानी जिसमें नमक न हो, पौधों के लिए फ्री में मल्टीविटामिन की तरह है। यह पौष्टिक और वेस्ट फ्री होता है, इसका उपयोग करना चाहते हैं तो जब भी दाल या सब्जी उबालें, पानी फेंकने के बजाय ठंडा करके पौधों को दें।