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Monsoon Plant Care: मानसून में पौधों की देखभाल कैसे करें? जानें 10 आसान और असरदार टिप्स

Tue, 21 Jul 2026 03:26 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Gardening Tips: मानसून में पौधों का कैसे रखें ख्याल?
मानसून में पौधों को जलभराव से बचाएं, गमलों की ड्रेनेज सही रखें, जरूरत के अनुसार ही पानी दें, समय-समय पर सूखी पत्तियां हटाएं, जैविक खाद का उपयोग करें और फंगल संक्रमण व कीटों से बचाव के लिए नियमित निरीक्षण करते रहें।
 
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मानसून में पौधों की देखभाल - फोटो : AI
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विस्तार
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Gardening Tips: मानसून का मौसम हरियाली और ताजगी लेकर आता है। लगातार होने वाली बारिश से पौधों को प्राकृतिक रूप से पानी तो मिल जाता है, लेकिन यही मौसम कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। अधिक नमी, जलभराव, फंगल संक्रमण, कीटों का हमला और जड़ों का सड़ना जैसी समस्याएं पौधों की ग्रोथ को प्रभावित कर सकती हैं। यदि इस मौसम में पौधों की सही देखभाल नहीं की जाए तो स्वस्थ दिखने वाले पौधे भी कुछ ही दिनों में खराब होने लगते हैं।

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घर की बालकनी, टैरेस गार्डन या आंगन में लगे पौधों के लिए मानसून विशेष देखभाल का समय होता है। सही मात्रा में पानी देना, अच्छी ड्रेनेज व्यवस्था बनाए रखना, समय-समय पर छंटाई करना और जैविक खाद का उपयोग करना पौधों को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, बारिश के दौरान कुछ छोटी-छोटी गलतियां पौधों की जड़ों और पत्तियों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

अगर आप चाहते हैं कि बारिश के मौसम में आपके फूलों, सब्जियों और सजावटी पौधों की खूबसूरती बनी रहे, तो कुछ आसान लेकिन असरदार गार्डनिंग टिप्स अपनाना जरूरी है। इस लेख में जानिए मानसून के दौरान पौधों की देखभाल करने के सबसे प्रभावी तरीके, जिनकी मदद से आपका गार्डन पूरे सीजन हरा-भरा और आकर्षक बना रहेगा।
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मानसून में पौधों की देखभाल के 10 जरूरी टिप्स

गमलों में पानी जमा न होने दें

  • अतिरिक्त पानी जड़ों को सड़ा सकता है।
  • गमले के नीचे मौजूद ड्रेनेज होल खुले रखें।
  • बारिश के बाद गमलों की जांच जरूर करें।
  • जरूरत हो तो अतिरिक्त पानी तुरंत निकाल दें।


जरूरत से ज्यादा पानी बिल्कुल न दें

  • बारिश के दिनों में मिट्टी पहले से ही गीली रहती है।
  • पानी देने से पहले मिट्टी की नमी जांचें।
  • केवल सूखी मिट्टी होने पर ही सिंचाई करें।
  • अधिक पानी पौधों की ग्रोथ रोक सकता है।


फंगल संक्रमण से बचाव करें

  • लगातार नमी से फंगस तेजी से फैलती है।
  • पीली या काली पत्तियां तुरंत हटा दें।
  • नीम के तेल का हल्का स्प्रे करें।
  • पौधों के आसपास साफ-सफाई रखें।



पौधों की नियमित छंटाई करें

  • सूखी और खराब शाखाएं हटाएं।
  • नई ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है।
  • पौधे में हवा का प्रवाह बेहतर रहता है।
  • संक्रमण का खतरा कम होता है।


जैविक खाद का इस्तेमाल करें

  • वर्मी कम्पोस्ट उपयोगी विकल्प है।
  • गोबर की सड़ी खाद भी फायदेमंद है।
  • अधिक मात्रा में खाद न डालें।
  • महीने में एक बार पर्याप्त रहती है।


धूप मिलने का ध्यान रखें

  • बारिश के बीच जब धूप निकले तो पौधों को पर्याप्त रोशनी मिलने दें।
  • लंबे समय तक छाया में रखने से पौधे कमजोर हो सकते हैं।
  • इनडोर पौधों को भी समय-समय पर बाहर रखें।


कीटों पर नजर रखें

  • बारिश में घोंघे, स्लग और छोटे कीड़े बढ़ जाते हैं।
  • पत्तियों के नीचे नियमित जांच करें।
  • जैविक कीटनाशक का उपयोग करें।
  • संक्रमित पत्तियां तुरंत हटा दें।


मिट्टी की गुड़ाई करते रहें

  • मिट्टी सख्त न होने दें।
  • हल्की गुड़ाई से ऑक्सीजन जड़ों तक पहुंचती है।
  • पानी का निकास बेहतर होता है।
  • पौधों की वृद्धि तेज होती है।


पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखें

  • भीड़भाड़ से नमी अधिक रहती है।
  • हवा का संचार कम होने से रोग बढ़ते हैं।
  • पर्याप्त दूरी पौधों को स्वस्थ रखती है।
  • संक्रमण फैलने की संभावना घटती है।


बारिश के बाद पौधों की जांच करें

  • टूटी शाखाएं तुरंत हटाएं।
  • जड़ों के आसपास मिट्टी जांचें।
  • पत्तियों पर दाग या फंगस देखें।
  • समय पर उपचार करने से पौधे जल्दी ठीक हो जाते हैं।
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