Eco-Friendly Ganpati:गणेश उत्सव भक्ति, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भरा त्योहार है। आजकल पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कई लोग ईको फ्रेंडली गणपति की स्थापना और प्राकृतिक सामग्री से पूजा करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। लेकिन पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी सिर्फ गणपति की मूर्ति चुनने तक सीमित नहीं है। पूजा और विसर्जन के बाद होने वाली सफाई को भी इको-फ्रेंडली तरीके से करना उतना ही जरूरी है।
विसर्जन के बाद अक्सर फूल, पत्तियां, पूजा सामग्री, कपड़े, सजावट का सामान और दूसरे तरह का कचरा जमा हो जाता है। अगर इन्हें बिना अलग किए एक साथ फेंक दिया जाए, तो उपयोगी जैविक सामग्री भी कचरे का हिस्सा बन सकती है। थोड़ी सी सावधानी के साथ इस सामग्री को अलग करके दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है।
सबसे पहले फूलों और पत्तियों जैसी
गीली या जैविक सामग्री को अलग करें। इन्हें खाद बनाने या स्थानीय कंपोस्टिंग व्यवस्था में भेजा जा सकता है। प्लास्टिक, थर्मोकोल और दूसरी गैर-जैविक सजावट को अलग करके रिसाइक्लिंग के लिए दिया जा सकता है। पूजा में इस्तेमाल किए गए कपड़े और सजावटी सामान साफ और उपयोगी हों तो उन्हें भविष्य में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।
विसर्जन के बाद सबसे पहले करें कचरे की छंटाई
क्लीनअप शुरू करते समय पूरे कचरे को एक जगह इकट्ठा करने के बजाय अलग-अलग श्रेणियों में बांटें। फूल-पत्तियां, कागज, कपड़ा, प्लास्टिक और अन्य सामग्री को अलग रखने से आगे की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
अगर स्थानीय नगर निकाय ने गणपति विसर्जन के लिए विशेष संग्रह केंद्र या व्यवस्था बनाई है, तो संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करें।
फूलों और पत्तियों को फेंकने के बजाय करें इस्तेमाल
गणपति पूजा में इस्तेमाल होने वाले फूल और पत्तियां जैविक सामग्री हैं। इन्हें सामान्य कचरे में डालने के बजाय कंपोस्टिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ जगहों पर पूजा के फूलों से प्राकृतिक रंग, अगरबत्ती या अन्य उपयोगी उत्पाद बनाने की पहल भी होती है। हालांकि, ऐसी सामग्री को स्थानीय कंपोस्टिंग या कचरा संग्रह व्यवस्था के नियमों के अनुसार ही दें।
प्लास्टिक और थर्मोकोल को करें अलग
सजावट में इस्तेमाल हुआ प्लास्टिक, थर्मोकोल या अन्य गैर-जैविक सामग्री को फूलों और गीले कचरे के साथ न मिलाएं। इन्हें अलग करके स्थानीय रिसाइक्लिंग या कचरा संग्रह व्यवस्था तक पहुंचाना बेहतर है। आगे के त्योहारों के लिए डिस्पोजेबल सजावट की जगह कपड़े, कागज, लकड़ी या दोबारा इस्तेमाल की जा सकने वाली सजावट चुनने की कोशिश करें।
पूजा सामग्री को दोबारा उपयोग करने की आदत बनाएं
गणपति सजावट में इस्तेमाल होने वाले कपड़े, लाइटिंग, कृत्रिम फूल, तोरण और दूसरे सामान को संभालकर रखें। अच्छी स्थिति में मौजूद चीजों को अगले साल दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कचरा भी कम होगा और हर साल नई सजावट खरीदने की जरूरत भी घट सकती है।
सफाई के दौरान पानी का भी रखें ध्यान
क्लीनअप के दौरान जरूरत से ज्यादा पानी इस्तेमाल करने से बचें। अगर विसर्जन घर पर बने कृत्रिम टैंक या किसी निर्धारित व्यवस्था में हुआ है, तो पानी को सीधे नाली या प्राकृतिक जलस्रोत में छोड़ने के बजाय स्थानीय नियमों के अनुसार निपटान करें।