स्कूल वह जगह है, जहां आप अपने बच्चों को पढ़ने-लिखने और एक बेहतर इंसान बनने के लिए भेजती हैं। स्कूल में उसका अच्छे से ध्यान रखा जाए और अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए आप अच्छे से अच्छे स्कूल का चुनाव करती हैं और उसकी भारी फीस भी भरती हैं। बच्चे को स्कूल भेजकर आप निश्चिंत रहती हैं कि आपका बच्चा स्कूल में पढ़ रहा है। लेकिन इन सबके बावजूद भी कई बार स्कूल में आपका बच्चा अन्य बच्चों या स्कूल के शिक्षकों के साथ काफी असहज महसूस कर सकता है। ऐसी स्थिति को हम अक्सर बच्चे की उम्र में आने वाले बदलाव का नाम दे देते हैं या यह समझ लेते हैं कि बच्चा स्कूल के माहौल में नए बच्चों के साथ खुद को ढाल नहीं पा रहा है। लेकिन हो सकता है कि स्कूल में होने वाली कुछ घटनाओं से आपका बच्चा काफी परेशान हो।
कुछ समय पहले की ही बात है। गुरुग्राम के एक नामी स्कूल के वॉशरूम में सात साल के एक बच्चे की हत्या हो गई थी। रिपोर्ट में पाया गया कि हत्या से पहले उसके शारीरिक शोषण की कोशिश की गई थी। यह सिर्फ एक स्कूल का मामला नहीं है। बच्चों के साथ स्कूलों में होने वाले शोषण की खबरें आजकल आम हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे अक्सर डर की वजह से अपनी परेशानियों के बारे में माता-पिता को नहीं बता पाते। आपको उनसे स्कूल में होने वाली गतिविधियों के बारे में बात करने और उनकी मनोदशा को समझने की जरूरत है।
स्कूल नियमित तौर पर जाएं
आपकी जिम्मेदारी बच्चों को स्कूल भेजने के बाद खत्म नहीं हो जाती, बल्कि उसके बाद और भी अधिक बढ़ जाती है। आपको अपने बच्चे के स्कूल में हर हफ्ते या महीने में दो बार जरूर जाना चाहिए। स्कूल में जाकर सिर्फ शिक्षकों से ही न मिलें, बल्कि अपने बच्चे के दोस्तों और उसके साथ पढ़ने वाले अन्य बच्चों से भी मिलें और आपके बच्चे के साथ उनके व्यवहार को भी समझें। साथ ही स्कूल के माहौल और वहां की गतिविधियों पर भी गौर करें। देखें कहीं आपका बच्चा किसी के सामने डरा-डरा सा तो नहीं रहता। अगर ऐसा है, तो अपने बच्चे से खुलकर बात करें।
बच्चों में जागरूकता
हम अक्सर अपने बच्चों को यह शिक्षा देते हैं कि बड़ों का आदर और सम्मान करें। स्कूल में अपने सीनियर्स से सीखें और शिक्षकों की हर बात मानें। इस वजह से बच्चे बुरी परिस्थिति में दूसरों को न कहने में कतराते हैं, विशेष रूप से अपने से बड़ों और शिक्षकों को न कहने में वह अच्छा महसूस नहीं करते। इसलिए उनको इन चीजों के बारे में जागरूक करने का काम आपका है। उन्हें बताएं कि हां या न कहने के लिए स्थिति बहुत मायने रखती है। बच्चों को बताएं कि असहज परिस्थितियों में बड़ों या बूढ़ों को न कहना सही है। साथ ही ऐसी परिस्थितियों के लिए आप उन्हें कोई शब्द भी दे सकती हैं, जिससे वे उस परिस्थिति के आने पर आपको संकेत दे सकें।
जल्द उठाएं ठोस कदम
अगर आपको संदेह है कि आपके बच्चे के साथ इस प्रकार की कोई घटना हुई है, तो जिस पर भी आपको संदेह है, उससे अपने बच्चे को तुरंत अलग कर दें। अपने बच्चे को फिर उसके संपर्क में कभी न आने दें। आपको जिस पर भी संदेह है, उससे कोई बात किए बिना सीधे पुलिस को इसकी सूचना दें और आगे की कार्रवाई में सहयोग दें। आप चाइल्ड वेलफेयर समिति को भी इस बात की जानकारी दे सकती हैं। बच्चे से इसके बारे में बातों-बातों में पूछें। अगर बच्चा डर जाएगा, तो सहयोग नहीं करेगा। हो सकता है कि फिर वो आपको इससे संबंधित कुछ भी न बताए। इसलिए जरूरी है कि ऐसी स्थिति में धैर्य से काम लें।
सभी मां-बाप घर में अपने बच्चे को हर तरह की सुविधा देते हैं और उनकी सुरक्षा का पूरी तरह ख्याल रखते हैं। लेकिन अगर घर से बाहर या स्कूल में कोई बच्चे से दुर्व्यवहार करे, तो पेरेंट्स भी कुछ नहीं कर पाते। अक्सर जब बच्चों के साथ स्कूल में या ट्यूशन में यौन शोषण होता है, तो वे अपने माता-पिता को इस बारे में कुछ नहीं बता पाते। इससे बच्चे डिप्रेशन में चले जाते हैं। ऐसे में अपने बच्चों में दिखाई देने वाले कुछ संकेतों को जानकर उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार के बारे में पता लगा सकते हैं।
स्कूलों में दुर्व्यवहार और शोषण झेल रहे पीड़ित बच्चों की कोई विशेष उम्र नहीं होती। यह किसी भी उम्र के बच्चों के साथ घटित हो सकता है, जिसके कारण उन्हें शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक पीड़ा भी झेलनी पड़ती है। कई बार तो नौबत बच्चे की हत्या या आत्महत्या तक पहुंच जाती है। यौन शोषण के शिकार लड़कियां ही नहीं, बल्कि लड़के भी हो रहे हैं। ग्रामीण स्कूलों में तो शौचालय की सुविधा तक नहीं होती, जिसके चलते छात्राओं को विशेष तौर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यौन शोषण के अलावा और भी कई बातें हैं, जिसमें आपका बच्चा खुद को असुरक्षित महसूस कर सकता है। कई बार कोई आपात स्थिति आ सकती है। उन पर भी आपको सजग रहना चाहिए।
-क्या स्कूल में अन्य बच्चे तुम्हें परेशान करते हैं?
-क्या तुम स्कूल में सुरक्षित महसूस करते हो?
-क्या स्कूल में किसी वजह से तुम असहज महसूस करते हो?
-क्या कोई सीनियर तुम्हारा मजाक उड़ाता है?