फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कम सोने की तरह ही ज्यादा सोना भी है बीमारी, हो सकते हैं मेंटल!

Sat, 02 Feb 2019 04:00 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
कम नींद की तरह ही ज्यादा नींद लेना भी है हानिकारक
विज्ञापन
आपको अगर ज्यादा नींद आती है तो सावधान हो जाएं। कम नींद आने की ही तरह ज्यादा नींद आना भी बीमारी है। ज्यादा सोने से आपको कई तरह की बीमारियां हो सकती है जिनका अभी आपको अहसास तक नहीं होगा। ज्यादा नींद आना अपने आप में एक डिसऑडर है। मेंटल हेल्थ इश्यू से है जुड़ा
विज्ञापन

ज्यादा सोना सीधे तौर पर मेंटल हेल्थ इश्यू जैसे की डिप्रेशन से जुड़ा हुआ है।
ज्यादा सोना सीधे तौर पर मेंटल हेल्थ इश्यू जैसे की डिप्रेशन से जुड़ा हुआ है। कम नींद आने की तरह ही ज्यादा नींद आने के भी घातक परिणाम होते हैं। ज्यादा सोने से हार्ट की बीमारी हो सकती है। आपका मैटाबॉलिक समस्या जैसे कि डायबिटीज हो सकती है। इसके अलावा ज्यादा सोने से आपको मोटापा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा ज्यादा सोने से आपको मैमोरी से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। यहां तक की ज्यादा सोने से मौत का जोखिम दर भी बढ़ सकता है। इसलिए ऑवरस्लिपिंग को बिल्कुल भी इग्नोर न करें। कितने घंटे चाहिए सोना?
 

डॉक्टरों के मुताबिक स्वस्थ्य इंसान को 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।
डॉक्टरों के मुताबिक स्वस्थ्य इंसान को 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।  हालाांकि नींद की दर व्यक्ति दर व्यक्ति अलग-अलग होती है। ऐसे में कितना सोना चाहिए इसको लेकर कोई फिक्स घंटे तय नहीं किए जा सकते हैं। यह जैनेटिक फेक्टर पर निर्भर करता है कि आपको कितनी देर सोना चाहिए। दरअसल, प्राइमरी बॉयोलॉजिकल स्लिप सिस्टम दो तरह का होता है जो कि सर्कैडियन रिदम और इंटरनल स्लिम ड्राइव पर निर्भर करता है। ऐसे में इंसान को अपनी उम्र के हिसाब से नींद लेनी चाहिए।
विज्ञापन

आप जितने एक्टिव होंगे आपको उतनी अच्छी नींद आएगी और उतनी ही देर सो पाएंगे
आप जितने एक्टिव होंगे आपको उतनी अच्छी नींद आएगी और उतनी ही देर सो पाएंगे। ऐसे में 20 साल की उम्र के नौजवानों के लिए 7 से 8 घंटे की नींद बताई जाती है क्योंकि उनका शरीर इतना एक्टिव होता है। जबकि, बुढ़ापे में नींद की ये ही दर घट जाती है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें