मलेरिया मुक्त होने की कगार पर गोवा
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गोवा मलेरिया मुक्त होने के बिल्कुल करीब
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है भारत में गोवा राज्य मलेरिया के उन्मूलन के चरण में है। गोवा में 2008 में मलेरिया के 9,822 मामले और 21 मौतें दर्ज की गईं थी लेकिन अब राज्य इस बीमारी के उन्मूलन के चरण में है। राज्य ने सूचना दी है कि साल 2018 से यहां मलेरिया से कोई मौत नहीं हुई है, इसके अलावा 2023 से स्वदेशी आबादी के बीच मलेरिया के कोई मामले भी सामने नहीं आए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की उप निदेशक डॉ. कल्पना महात्मे ने कहा, हमने सभी दस्तावेज जमा कर दिए हैं और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों ने निरीक्षण किया है। मलेरिया उन्मूलन के लिए हम बस प्रमाण पत्र मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
दिल्ली-एनसीआर में मलेरिया
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दिल्ली-एनसीआर में मलेरिया के मामले
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मलेरिया के मामलों की बात करें तो पता चलता है कि यहां कुल मामलों में से 71 प्रतिशत मरीज शहरी क्षेत्रों से हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की शहरी क्षेत्रों पर विशेष नजर है। पिछले चार वर्षों की तुलना में वर्ष 2024 में सबसे ज्यादा मलेरिया के मामले दर्ज किए गए हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष कुल 148 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई थी, जिनमें से 106 मामले केवल बिसरख ब्लॉक से थे बिसरख ब्लॉक में अधिकतर शहरी क्षेत्र आते हैं, जिनमें हाईराइज सोसायटीज, सेक्टर और शहरी गांव शामिल हैं। यह क्षेत्र अन्य ब्लॉकों की तुलना में अधिक विकसित माना जाता है।
मलेरिया अधिकारी श्रुति कीर्ति वर्मा ने बताया कि बिसरख ब्लॉक में पिछले साल सबसे अधिक मामले सामने आए थे। तीन मामलों में मलेरिया फाल्सीपेरम की पुष्टि हुई थी, जो मलेरिया का सबसे गंभीर प्रकार होता है।
पिछले चार वर्षों के आंकड़ें इस प्रकार हैं।
| वर्ष |
मलेरिया के कुल मामले |
| 2021 |
117 |
| 2022 |
104 |
| 2023 |
45 |
| 2024 |
148 |
दुनियाभर में कैसे हैं हालात
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दुनियाभर में मलेरिया की क्या स्थिति है?
हाल ही में डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने कहा, वैश्विक स्तर पर मलेरिया की रोकथाम को लेकर हमें व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है। हमारे क्षेत्र ने मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में उत्कृष्ट प्रगति की है। दक्षिण-पूर्व एशिया एकमात्र ऐसा डब्ल्यूएचओ का क्षेत्र है जिसने मलेरिया के मामलों और मौतों को कम करने के लिए प्रयासों में विशेषज्ञ सफलता पाई है।
मालदीव और श्रीलंका मलेरिया मुक्त हो गए हैं, ये हमारे लिए गर्व की बात है। इसके अलावा नौ एंडेमिक देशों में से चार- भूटान, भारत, नेपाल और तिमोर-लेस्ते ने 2015 से मलेरिया की घटनाओं में 63% से अधिक की कमी हासिल की है। तिमोर-लेस्ते और भूटान भी मलेरिया उन्मूलन के निकट हैं।
इसके अलावा दुनियाभर में 22 अक्तूबर, 2024 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कुल 44 देशों और एक टेरिटरी को मलेरिया मुक्त प्रमाणित किया गया है। इसमें हाल ही में शामिल हुए अजरबैजान, ताजिकिस्तान और मिस्र जैसे देश शामिल हुए हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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