फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Blood Donor Day 2025: रक्तदान कौन कर सकता है और कौन नहीं? जान लें ये चार जरूरी बातें

Sat, 14 Jun 2025 09:52 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Blood Donor Day 2025: रक्तदान से जुड़े कई डर और मिथक हैं जिसके कारण रक्तदान की कमी महसूस की जाती है। रक्तदान से जुड़े इन सवालों के बारे में जानना आपके लिए बहुत जरूरी है।
विज्ञापन
रक्तदान दिवस पर जानें क्या है मिथक - फोटो : Freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

World Blood Donor Day 2025: आज यानी 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जा रहा है। रक्तदान को बढ़ावा देने और रक्तदान को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 14 जून को दुनियाभर में विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। 

विज्ञापन


रक्तदान को महादान कहा जाता है। गंभीर स्थितियों जैसे सर्जरी, दुर्घटना में रोगी की जान बचाने के लिए रक्त की आवश्यता होती है जिसका दान करके आप एक जिंदगी बचा सकते हैं। हालांकि अस्पतलाों की रिपोर्ट से पता चलता है कि दुर्भाग्यवश भारत में हर दिन लगभग 12,000 मरीज समय पर रक्त न मिल पाने के कारण मर जाते हैं। देश में सालाना 15 मिलियन (1.5 करोड़) यूनिट रक्त की जरूरत है, हालांकि ब्लड डोनेशन कैंप और अन्य माध्यमों से केवल 10 मिलियन (एक करोड़) यूनिट रक्त ही प्राप्त हो पाता हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ के मुताबिक, समय रहते अगर रक्त की जरूरत को पूरा न किया गया तो परिणाम भयावह हो सकते हैं। रक्तदान से जुड़े कई डर और मिथक हैं जिसके कारण रक्तदान की कमी महसूस की जाती है। रक्तदान से जुड़े इन सवालों के बारे में जानना आपके लिए बहुत जरूरी है।
विज्ञापन



रक्तदान से इम्यूनिटी कमजोर होती है

रक्तदान को लेकर लोगों के मन में यह विचार रहता है कि ब्लड डोनेट करने से कमजोरी आ जाती है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे गलत जानकारी बताते हैं। रक्तदान की प्रक्रिया में मुख्य रूप से लाल रक्त कोशिकाओं को निकाला जाता है जो प्राकृतिक रूप से कुछ दिनों के भीतर शरीर द्वारा फिर से उत्पादित हो जाता है। हालांकि श्वेत रक्त कोशिकाओं के स्तर को सामान्य होने में कुछ सप्ताह लग सकता है। लेकिन श्वेत रक्त कोशिकाओं में यह अस्थायी कमी प्रतिरक्षा प्रणाली की कार्यक्षमता को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित नहीं करती है। रक्तदान करने से कमजोरी नहीं आती है।


टैटू कराया है तो रक्तदान नहीं कर सकते हैं

लोगों को लगता है कि जिन्होंने टैटू या पियर्सिंग कराया है, वह रक्तदान नहीं कर सकते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टैटू बनवाने के बाद रक्तदान करने के लिए तीन महीने की अवधि तक प्रतीक्षा करनी चाहिए और टैटू सरकारी लाइसेंस वाले टैटू पार्लर से बनवाया गया हो। जिन व्यक्तियों ने पियर्सिंग करवाई है, वे बिना किसी समस्या के रक्तदान कर सकते हैं, बशर्ते पियर्सिंग के दौरान इस्तेमाल किया गया उपकरण सिंगल यूज वाला हो। बेहतर रहता है कि आप टैटू या पियर्सिंग कराने के बाद कम से कम तीन महीने का इंतजार करें। 


महिलाएं रक्तदान नहीं कर सकती हैं

रक्तदान कोई भी कर सकता है, महिला हो या पुरुष। हालांकि यदि महिला के हीमोग्लोबिन स्तर कम हो या वे एनीमिया से पीड़ित हों तो ऐसी स्थिति में रक्तदान करने को उपयुक्त नहीं माना जाता है। रक्तदान करने के लिए डोनर के पास प्रति डेसीलिीर 12.5 ग्राम हीमोग्लोबिन होना चाहिए, इससे कम होने पर वे अयोग्य हो जाते हैं। अगर आप स्वस्थ हैं और शरीर में रक्त की मात्रा ठीक है तो आप रक्तदान कर सकते हैं।


साल में कितने बार रक्तदान कर सकते हैं

यह सच नहीं है। रक्तदान के बाद ब्लड सेल्स की पूर्ति होने में 8 सप्ताह तक का समय लगता है। इसके बाद फिर से रक्तदान करना सुरक्षित होता है। अमेरिकन रेड क्रॉस सलाह देता है कि कोई भी व्यक्ति हर 56 दिन में रक्तदान कर सकता है। एक साल में तीन से चार बार रक्तदान किया जा सकता है।

--------------------------------------------

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें