आमतौर पर हैवी एक्सरसाइज और वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज के बारे में माना जाता है कि इनका फायदा सिर्फ पुरुषों को होता है। महिलाओं शारीरिक बनावट ऐसी होती है कि उन्हें इससे फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। इसी तरह के कई मिथ हैं जिनकी वजह से वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज को महिलाओं से जोड़कर नहीं देखा जाता है। मगर यह पूरी तरह से सच नहीं है। आइए जानें कि महिलाओं की वेट ट्रेनिंग से संबंधित मिथ और हकीकत क्या हैं।
मिथ- वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज से महिलाओं की मसल्स बनने लगती हैं।
हकीकत- यह मिथ बहुत आम है लेकिन बिल्कुल निराधार है। पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन तेजी से बनता है जबकि महिलाओं में यह तेजी से नहीं बनता। महिलाएं तभी मस्कुलर दिख सकती हैं जब उन्हें सिंथेटिक टेस्टोस्टेरोन दिया जाए।
मिथ- वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज छोड़ने पर महिलाएं मोटी हो जाती हैं।
हकीकत- अक्सर लोग ऐसा सोचते हैं कि जिम और हेवी एक्सरसाइज छोड़ने के बाद महिलाएं अधिक मोटी हो जाती हैं। असलियत में ऐसा नहीं होता। यदि वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज को छोड़ने के बाद भी कोई महिला नियंत्रित डाइट और अच्छी जीवनशैली रखे तो वह कभी मोटी नहीं हो सकती है।
मिथ- वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज से ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।
हकीकत- जब आप वजन उठाते हैं तो ब्लड प्रशर बढ़ जाता है और जब वजन रखते हैं तो सामान्य हो जाता है। ऐसे में महिलाओं का ब्लड प्रेशर इससे बढ़ेगा यह मानना निराधार है। सच तो यह है कि इस एक्सरसाइज से ब्लड प्रेशर और अन्य कार्डियोवास्कुलर समस्याओं की आशंका बहुत कम हो जाती है।
वेट लिफ्टिंग और हेवी एक्सरसाइज अगर किसी प्रशिक्षक के निर्देशन में हो तो यह पुरुषों की तरह ही महिलाओं के लिए भी फायदेमंद है। बस जरूरत है अपनी शरीर की आवश्यकताओं को देखते हुए सही तरीके का वर्कआउट चयन करने की।