घर और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ नौकरी और बच्चों की देखभाल में व्यस्त महिलाएं अक्सर अपने स्वास्थ्य और खान-पान को नजरअंदाज कर देती हैं। इसका असर थकान, कमजोरी, एनीमिया और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में सामने आता है। इसलिए महिलाओं के लिए संतुलित व पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन सेहत और परिवार के बेहतर भविष्य के लिए बेहद आवश्यक है।
पौष्टिक नाश्ता
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय तेवतिया का कहनाहै कि व्यस्त जीवन-शैली में महिलाएं या तो नाश्ता करना छोड़ देती हैं या समय पर कर ही नहीं पातीं, लेकिन यह आदत धीरे-धीरे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। स्वस्थ और ऊर्जावान रहने के लिए दिन की शुरुआत पौष्टिक नाश्ते से करना और संतुलित आहार अपनाना बेहद जरूरी है। भोजन में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और पर्याप्त पानी शामिल करने से शरीर को आवश्यक पोषण मिल जाता है। दालें, दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, सूखे मेवे और साबुत अनाज बेहतर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। इसके साथ ही पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम, योग और तनाव प्रबंधन शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं।
आंखों पर ध्यान
आज के समय में स्क्रीन के इस्तेमाल से आंखों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में केवल स्क्रीन टाइम कम करना ही नहीं, बल्कि सही खान-पान की आदतें अपनाना भी जरूरी है। इसलिए विटामिन ए से भरपूर खाद्य पदार्थ चुनें, क्योंकि ये आंखों की रोशनी के लिए बेहद जरूरी हैं। गाजर, शकरकंद, पालक, मेथी और आम इसके अच्छे स्रोत हैं। इसके साथ ही विटामिन सी युक्त संतरा, नींबू, अमरूद, कीवी और शिमला मिर्च को डाइट में शामिल करें, जो आंखों की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।
विटामिन ई के लिए बादाम, सूरजमुखी के बीज, मूंगफली और एवोकाडो का सेवन करें। वहीं, आंखों में नमी बनाए रखने और ड्राई आई की समस्या से बचाव के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स और वसायुक्त मछलियां बेहतरीन विकल्प साबित होती हैं। हर उम्र में संतुलित आहार के सेवन की आदत अपनाकर आप आंखों की सेहत को लंबे समय तक बेहतर रख सकती हैं।
हेल्दी रेसिपीज
स्वस्थ रहने के लिए आपको ऐसी हेल्दी रेसिपीज चुननी चाहिए, जो कम समय में तैयार हों और भरपूर पोषण भी दें। आप ओट्स वेजिटेबल उपमा, मूंग दाल चीला, स्प्राउट्स सलाद, पनीर भुर्जी रैप और फ्रूट-योगर्ट बाउल जैसी रेसिपीज चुन सकती हैं। इन्हें अपनी पसंद, उपलब्ध सामग्री और पोषण संबंधी जरूरतों के अनुसार आसानी से बदला जा सकता है, जिससे आपको संतुलित आहार मिलेगा और आपका समय भी बचेगा।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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