ऑक्सीजन उपकरणों के इस्तेमाल के समय बरतें सावधानी
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कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार और देश में लगातार बढ़ती जा रही मरीजों का संख्या ने स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। कहीं अस्पतालों में बेड नहीं हैं तो कहीं जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन की अनुपलब्धता। कोरोना की इस दूसरी लहर में रोगियों में ऑक्सीजन की कमी के मामले भी ज्यादा देखने को मिल रहे हैं, यही कारण है कि कोविड की पुष्टि होते ही लोग ऑक्सीजन सिलेंडरों की जुगत में लग जा रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर पर मेडिकल ऑक्सीजन का गलत और अनियंत्रित इस्तेमाल न सिर्फ खतरे को बढ़ा सकता है साथ ही इस वजह से कई लोगों की जान भी जा रही है।
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर शुक्रवार को हुई चर्चा में हमने विशेषज्ञों से इसी विषय के बारे में जानने की कोशिश की। इस दौरान दिल्ली एम्स के डॉ जसवंत ने सभी सवालों के जवाब दिए।
घर पर ऑक्सीजन लेना कितना सही है?
डॉ जसवंत कहते हैं कि इस समय देश में ऑक्सीजन युक्त बेडों की काफी किल्लत देखने को मिल रही है। कई मरीजों की हालत खराब होने पर उन्हें बेड नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में घर पर ऑक्सीजन उपकरणों का इस्तेमाल करना आवश्यक हो जाता है। लेकिन इन उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान सभी गाइडलाइंस को ध्यान में जरूर रखें। इसका गलत ढंग से प्रयोग फायदे की जगह नुकसानदायक हो सकता है।
ऑक्सीजन का मात्रा का रखें विशेष ध्यान
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क्या नेबोलाइजर से ऑक्सीजन की कमी को पूरा कर सकते हैं?
डॉ जसवंत कहते हैं नेबोलाइजर से ऑक्सीजन की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है, इससे सांस लेने में थोड़ी मदद जरूर मिल सकती है लेकिन इससे ऑक्सीजन की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है। इसे सिलेंडरों के विकल्प के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान किन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है?
डॉ जसवंत कहते हैं कि घर पर आप चाहे ऑक्सीजन सिलेंडर का प्रयोग कर रहे हैं या फिर कंसंट्रेटर का, सबसे पहले ध्यान रखें कि इसमें कहीं से कोई लीक नहीं होना चाहिए। इसके साथ रोगी का ऑक्सीजन सेचुरेशन जांचते रहें। शुरुआत में रोगी को 1-2 लीटर प्रति मिनट के हिसाब से ऑक्सीजन दी जा सकती है। जरूरत के हिसाब से इस फ्लो को बढ़ा भी सकते हैं, लेकिन इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी होता है।
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नोट: यह लेख दिल्ली एम्स के डॉ जसवंत से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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