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Weekly Insulin: डायबिटीज रोगियों के लिए अच्छी खबर, अब रोज-रोज नहीं हफ्ते में बस एक बार लगेगा इंसुलिन इंजेक्शन

Mon, 24 Aug 2026 01:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए सप्ताह में सिर्फ एक बार लगाया जाने वाला इंसुलिन आ रहा है । इंसुलिन एफ्सिटोरा अल्फा को रोजाना लगाए जाने वाले इंसुलिन इंजेक्शन जितना प्रभावी पाया गया है। इससे मरीजों को रोज-रोज इंजेक्शन लगवाने से छुट्टी मिल सकती है। आइए इसके बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
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डायबिटीज में इंसुलिन इंजेक्शन - फोटो : Amarujala.com/AI
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विस्तार
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डायबिटीज वैश्विक स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट बना हुआ है, जिस तरह से कम उम्र वाले इसका शिकार हो रहे हैं इसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ और भी चिंतित हैं। आंकड़ों को देखे तो पता चलता है कि देश में 10 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज (टाइप 2) से पीड़ित हैं और लगभग 2.5 करोड़ लोग प्री-डायबिटिक हैं, यानी उन्हें निकट भविष्य में डायबिटीज होने का ज्यादा खतरा हो सकता है। चिंता की बात ये भी है कि 50% से ज्यादा लोगों को अपनी डायबिटीज की स्थिति के बारे में पता ही नहीं होता, जिससे समय पर बीमारी का निदान न होने और इलाज न होने पर गंभीर समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है।

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भारत में डायबिटीज के शिकार लोगों में से लगभग 6 मिलियन (60 लाख) मरीज अभी इंसुलिन थेरेपी ले रहे हैं। इंसुलिन की जरूरत तब पड़ती है जब दवाओं और अन्य माध्यमों से शुगर को कंट्रोल कर पाना कठिन होता है। मरीजों को रोजाना या फिर दिन में दो-तीन बार तक ये इंजेक्शन लगवाने पड़ सकते हैं। हालांकि अब ऐसे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है।

ब्रिटेन में हफ्ते में सिर्फ एक बार लगाया जाने वाले इंसुलिन इंजेक्शन को मंजूरी मिल गई है। एफ्सिटोरा अल्फा  नाम के इस इंसुलिन की खासियत यह है कि यह न सिर्फ लंबे समय तक शुगर को  कंट्रोल रखने में मदद करेगी, बल्कि परीक्षणों में इसे  रोजाना दिए जाने वाले इंसुलिन की तरह ही असरदार पाया गया है।
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तो क्या जल्द ही रोज-रोज इंसुलिन शॉट लेने से मुक्ति मिलने जा रही है?

डायबिटीज में इंसुलिन का इजेक्शन - फोटो : Freepik.com
एक इंजेक्शन से रहेगा शुगर कंट्रोल

हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हफ्ते में बस एक बार लगाए जाने वाले इस इंसुलिन इजेक्शन को अधिकारियों से मंजूरी मिल गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये इंसुलिन लंबे समय तक असर बनाए रखने वाला रूप है, जो शरीर में जरूरी इंसुलिन की कमी को पूरा करने में मदद करता है।

इंसुलिन वह हार्मोन है जो खाने से मिलने वाली शुगर को शरीर के लिए ऊर्जा में बदलने में मदद करता है। जिन लोगों में इसकी दिक्कत होती है, उनमें ग्लूकोज का उर्जा के रूप में सही से इस्तेमाल नहीं हो पाता और खून में इसकी मात्रा बढ़ने लग जाती है।
 
  • नए इंजेक्शन पर हुए परीक्षणों में पाया गया कि यह शरीर में इंसुलिन के स्तर और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में रोजाना लगाए जाने वाले इंसुलिन इंजेक्शन जितना ही प्रभावी हो सकता है।
  • टाइप-2 डायबिटीज वाले करीब हर चार में से एक व्यक्ति को इंसुलिन इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है। 
  • कुछ लोगों को तो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए दिन में कई बार इंसुलिन लेना पड़ता है।
  • ऐसे लोगों के लिए इंसुलिन एफ्सिटोरा अल्फा एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

गौरतलब है कि इससे पहले अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने 'अविक्ली' इंजेक्शन के बारे में जानकारी दी थी। दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में दुनिया का पहला लॉन्ग-एक्टिंग साप्ताहिक इंसुलिन लॉन्च किया था। इसके बारे में जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

डायबिटीज रोगियों के लिए इंजेक्शन - फोटो : Adobe stock
एफ्सिटोरा अल्फा इंजेक्शन करेगी बड़ा कमाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एफ्सिटोरा अल्फा को ऑन्सविक नाम से भी जाना जाता है और इसे दवा कंपनी एली लिली नाम की कंपनी ने बनाया है। इससे उन लोगों को काफी आराम मिल सकता है जिन्हें रोजाना खुद से इंसुलिन का इंजेक्शन लगाने में परेशानी होती है। कमजोर या बुजुर्ग लोग, कम दिखाई देने वाले, हाथों की समस्याओं के शिकार और डिमेंशिया-पार्किंसंस के शिकार डायबिटीज रोगियों के लिए ये वरदान साबित हो सकती है।
 
  • ब्रिटेन की नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस (एनआईसीई) ने इस इंजेक्शन को पैसे के लिहाज से भी किफायती और अच्छा विकल्प माना है। हालांकि, ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा ने अभी पूरे देश में इसे उपलब्ध कराने की योजना की घोषणा नहीं की है।

एनआईसीई में दवाओं के मूल्यांकन की निदेशक हेलेन नाइट कहती हैं, रोजाना इंसुलिन इंजेक्शन लेने के बजाय सप्ताह में केवल एक बार इंजेक्शन लेना डायबिटीज वालों की रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकता है। खासतौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें इंसुलिन लगाने में परिवार के सदस्य या स्वास्थ्यकर्मी की मदद लेनी पड़ती है।
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डायबिटीज रोगियों के लिए खुशखबरी - फोटो : Freepik.com
बढ़ते डायबिटीज को लेकर विशेषज्ञ चिंतित

दूसरी ओर दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ युवाओं में तेजी से बढ़ते टाइप 2 डायबिटीज को लेकर काफी चिंतित हैं। इंपीरियल कॉलेज लंदन में अध्ययनकर्ताओं ने बढ़ते डायबिटीज के मामलों के लिए लोगों में बढ़ते मोटापे और बेली फैट को सबसे ज्यादा जिम्मेदार ठहराया है।

रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि 2011 के बाद से 30 साल से कम उम्र की महिलाओं में यह समस्या किसी भी अन्य समूह की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ी है। जिन लोगों का शुगर लेवल दवाओं से कंट्रोल नही रहता उन्हें डॉक्टर इंसुलिन लेने की सलाह दे सकते हैं।
 
  • इसके अलावा टाइप-1 डायबिटीज वाले मरीजों को जीवनभर इंसुलिन लेते रहने की जरूरत हो सकती है।
  • दुनिया भर में अनुमानित 95 लाख लोग टाइप-1 डायबिटीज का शिकार हैं, जिन्हें रोजाना और जीवनभर इंसुलिन थेरेपी की जरूरत होती है। 
  • ऐसे मरीजों के लिए भी एफ्सिटोरा अल्फा को काफी कारगर माना जा रहा है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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