विटामिन-बी12 की कमी और इसके दुष्प्रभाव
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कॉर्पोरेट वर्कर्स में देखी जा रही है विटामिन बी12 की कमी
डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म मेडीबडी ने हाल ही में एक अध्ययन में बताया कि भारत में खामोश के साथ एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बढ़ता जा रहा है। सर्वेक्षण में पाया गया है कि 57% से ज्यादा कॉर्पोरेट पुरुष विटामिन बी12 की कमी से पीड़ित हैं। 4,400 से अधिक प्रतिभागियों (3,338 पुरुष और 1,059 महिलाएं) के डेटा का विश्लेषण में पाया गया है कि शरीर को काम करते रहने के लिए जरूरी इस विटामिन की कमी तेजी से बढ़ती जा रही है।
महिला कर्मचारी भी इससे अछूती नहीं हैं, आधे से ज्यादा महिला वर्कर्स भी इस विटामिन की कमी से जूझ रही हैं, जिसके कारण दैनिक कामकाज के भी प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
स्ट्रेस के कारण भी हो सकती है इस विटामिन की कमी
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क्यों कम होता जा रहा है ये जरूरी विटामिन?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि व्यस्त शेड्यूल, अनियमित खान-पान और तनाव के उच्च स्तर के कारण, कॉर्पोरेट पेशेवर अक्सर जरूरी पोषण को अनदेखा कर देते हैं, जब तक कि इनके दुष्प्रभावों के लक्षण दिखने शुरू नहीं हो जाते। पुरुषों और महिलाओं में विटामिन बी12 की कमी बढ़ने के पीछे अपर्याप्त आहार को मुख्य कारण पाया गया है।
कॉर्पोरेट में काम करने वाले लोगों की दिनचर्या और रहन-सहन भी काफी प्रभावित रहता है। जीवनशैली में बदलाव, जिसमें अत्यधिक प्रोसेस्ड और जंक फूड्स का सेवन, शराब-धूम्रपान और अत्यधिक कैफीन का लगातार सेवन भी शरीर में विटामिन बी-12 के अवशोषण को बाधित कर देता है।
विटामिन बी12 शरीर के कई कार्यों के लिए जरूरी
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में जनरल फिजीशियन डॉ उत्कर्ष सिंह बताते हैं, दौड़-भाग और बढ़ते कंपटीशन के चलते कर्मचारियों में तनाव का स्तर भी काफी अधिक देखा जा रहा है जो कोर्टिसोल हार्मोन के उत्पादन को बढ़ा देती है। कोर्टिसोल के उच्च स्तर को शरीर के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जाता रहा है, इसका एक साइड इफेक्ट जाता है, जो शरीर में विटामिन बी12 को कम कर देती है। कोर्टिसोल हार्मोन विटामिन बी12 के अवशोषण और मेटाबॉलिज्म पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, जिससे इसकी कमी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
पौष्टिक चीजों का करिए सेवन
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विटामिन बी12 की कमी के नुकसान
विटामिन बी12 स्वस्थ रक्त और तंत्रिका कोशिकाओं, डीएनए संश्लेषण को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है> यह मस्तिष्क के कार्य, ऊर्जा उत्पादन और संभावित रूप से संज्ञानात्मक गिरावट और आंखों की बीमारियों को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन बी12 की कमी के कार थकान, एनीमिया, सुन्नता और झुनझुनी जैसी तंत्रिका संबंधी समस्याएं होना आम है। समय के साथ ये संज्ञानात्मक क्षमता और मनोदशा को भी प्रभावित करने वाली हो सकती है।
मांस-मुर्गी, मछली, अंडे जैसे मांसाहार में इस विटामिन की अधिकता होती है। आप डेयरी उत्पाद, साबुत अनाज और नट्स-सीड्स भी इसकी पूर्ति कर सकते हैं। आहार में विटामिन बी-12 वाली चीजों को शामिल करना जरूर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ
Factors associated with vitamin B12 deficiency in adults
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