फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Alert: ऑफिस में काम करने वाले आधे से अधिक लोगों में इस जरूरी विटामिन की कमी, दिमाग पर पड़ सकता है बुरा असर

Sun, 16 Mar 2025 01:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में लगभग 65 करोड़ से ज्यादा लोगों में विटामिन बी12 की कमी है। हाल ही में एक अध्ययन में पता चला है कि भारत में खामोश के साथ एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बढ़ता जा रहा है। सर्वेक्षण में पाया गया है कि 57% से ज्यादा कॉर्पोरेट पुरुष विटामिन बी12 की कमी से पीड़ित हैं। 
विज्ञापन
ऑफिस वर्कर्स में जरूरी विटामिन की कमी - फोटो : freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें नियमित रूप से कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर आहार की आवश्यकता होती है। पर क्या आप रोजाना पौष्टिकता से भरपूर आहार का सेवन कर रहे हैं? ये सवाल इसलिए महत्वूर्ण हो जाता है क्योंकि भारतीय आबादी में विटामिन्स की कमी के जो डेटा सामने आए हैं, वो काफी डराने वाले हैं। 

विज्ञापन


आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि भारत में लगभग 65 करोड़ से ज्यादा लोगों में विटामिन बी12 की कमी है, जिसका मुख्य कारण जनसांख्यिकी, आहार और कई अन्य कारक हो सकते हैं। धूम्रपान, शराब और एंटासिड का उपयोग भी विटामिन बी12 की कमी के कारण हो सकते हैं।

इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन की रिपोर्ट बताती है कि देश में बड़ी संख्या कॉरपोरेट कर्मचारी भी शरीर के लिए जरूरी इस विटामिन की कमी से जूझ रहे हैं। विटामिन बी12 की कमी एनीमिया और तंत्रिका संबंधी समस्याओं सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकती है। 

विज्ञापन

विटामिन-बी12 की कमी और इसके दुष्प्रभाव - फोटो : freepik
कॉर्पोरेट वर्कर्स में देखी जा रही है विटामिन बी12 की कमी

डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म मेडीबडी ने  हाल ही में एक अध्ययन में बताया कि भारत में खामोश के साथ एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बढ़ता जा रहा है। सर्वेक्षण में पाया गया है कि 57% से ज्यादा कॉर्पोरेट पुरुष विटामिन बी12 की कमी से पीड़ित हैं। 4,400 से अधिक प्रतिभागियों (3,338 पुरुष और 1,059 महिलाएं) के डेटा का विश्लेषण में पाया गया है कि शरीर को काम करते रहने के लिए जरूरी इस विटामिन की कमी तेजी से बढ़ती जा रही है।

महिला कर्मचारी भी इससे अछूती नहीं हैं, आधे से ज्यादा महिला वर्कर्स भी इस विटामिन की कमी से जूझ रही हैं, जिसके कारण दैनिक कामकाज के भी प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।

स्ट्रेस के कारण भी हो सकती है इस विटामिन की कमी - फोटो : Freepik.com
क्यों कम होता जा रहा है ये जरूरी विटामिन?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि व्यस्त शेड्यूल, अनियमित खान-पान और तनाव के उच्च स्तर के कारण, कॉर्पोरेट पेशेवर अक्सर जरूरी पोषण को अनदेखा कर देते हैं, जब तक कि इनके दुष्प्रभावों के लक्षण दिखने शुरू नहीं हो जाते। पुरुषों और महिलाओं में विटामिन बी12 की कमी बढ़ने के पीछे अपर्याप्त आहार को मुख्य कारण पाया गया है।

कॉर्पोरेट में काम करने वाले लोगों की दिनचर्या और रहन-सहन भी काफी प्रभावित रहता है। जीवनशैली में बदलाव, जिसमें अत्यधिक प्रोसेस्ड और जंक फूड्स का सेवन, शराब-धूम्रपान और अत्यधिक कैफीन का लगातार सेवन भी शरीर में विटामिन बी-12 के अवशोषण को बाधित कर देता है। 

विटामिन बी12 शरीर के कई कार्यों के लिए जरूरी - फोटो : Adobe stock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में जनरल फिजीशियन डॉ उत्कर्ष सिंह बताते हैं, दौड़-भाग और बढ़ते कंपटीशन के चलते कर्मचारियों में तनाव का स्तर भी काफी अधिक देखा जा रहा है जो कोर्टिसोल हार्मोन के उत्पादन को बढ़ा देती है। कोर्टिसोल के उच्च स्तर को शरीर के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जाता रहा है, इसका एक साइड इफेक्ट जाता है, जो शरीर में विटामिन बी12 को कम कर देती है। कोर्टिसोल हार्मोन विटामिन बी12 के अवशोषण और मेटाबॉलिज्म पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, जिससे इसकी कमी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।


विज्ञापन

पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
विटामिन बी12 की कमी के नुकसान

विटामिन बी12 स्वस्थ रक्त और तंत्रिका कोशिकाओं, डीएनए संश्लेषण को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है>  यह मस्तिष्क के कार्य, ऊर्जा उत्पादन और संभावित रूप से संज्ञानात्मक गिरावट और आंखों की बीमारियों को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन बी12 की कमी के कार थकान, एनीमिया, सुन्नता और झुनझुनी जैसी तंत्रिका संबंधी समस्याएं होना आम है। समय के साथ ये संज्ञानात्मक क्षमता और मनोदशा को भी प्रभावित करने वाली हो सकती है। 

मांस-मुर्गी, मछली, अंडे जैसे मांसाहार में इस विटामिन की अधिकता होती है। आप डेयरी उत्पाद, साबुत अनाज और नट्स-सीड्स भी इसकी पूर्ति कर सकते हैं। आहार में विटामिन बी-12 वाली चीजों को शामिल करना जरूर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।




--------------
स्रोत और संदर्भ
Factors associated with vitamin B12 deficiency in adults


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें