क्या है यह वायरस?
यह सार्स जैसा वायरस है जो कि एक तरह का निमोनिया है। इस वायरस को कोरोनो वायरस नाम दिया गया है। मरीजों के परीक्षण के बाद चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस इंफेक्शन को कोरोनोवायरस बताया है। इस वायरस की चपेट में आने वाले व्यक्ति को जुखाम के साथ ही सांस संबंधी परेशानी होने लगती है। चीन में यह वायरस सबसे पहले साल 2002 में सामने आया था और 774 लोगों की मौत हुई थी। इस वायरस की वजह से लोगों को खांसी, सांस लेने में दिक्कत और गले में दर्द के साथ ही बुखार भी आता है। इसके बाद ये लक्षण निमोनिया में तब्दील हो जाते हैं और सही इलाज नहीं मिलने पर मरीज की मौत की संभावना भी रहती है। इस वायरस के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि यह वायरस संक्रामक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हो रहा है। साल 2002 से लेकर 2003 के बीच इस वायरस से एशिया में आठ हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए थे।