हाल ही में पुणे में 20 से 30 साल की महिलाओं में स्तन के इन्फेक्शन ने डॉक्टरों का ध्यान खींचा है। डॉक्टर इसका कारण नहीं जान पा रहे हैं। डॉक्टर महिलाओं में स्तन के इस इन्फेक्शन को कैंसर नहीं मान रहे हैं। पिछले 5 सालों में इस तरह के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। स्तन में गांठ हो जाना और उसमें दर्द होना है, ये लक्षण नजर आते हैं। ज्यादातर महिलाएं जो स्तनपान करा रही हैं उनकी संख्या ज्यादा है। लेकिन सिर्फ स्तनपान कराने वाली महिलाएं ही इस इन्फेक्शन से नहीं जूझ रही हैं बल्कि बाकी महिलाओं में भी इस तरह की शिकायत सामने आई है। डॉक्टरों का कहना है कि लगभग हर महीने 6 केस सामने आते हैं जोकि थोड़ी गंभीर स्थिति है। 5 साल पहले तक इस तरह के इन्फेक्शन के 1 या 2 ही केस सामने आते थे लेकिन अब इसकी संख्या तेजी से बढ़ रही है।
ये इफेक्शन पहले 40 साल की महिलाओं में देखा गया जोकि अब 20 से 30 साल की महिलाओं में भी पाया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि ये इम्यूनिटी से जुड़ी समस्या है जिसका कारण क्या है ये अभी तक कोई जान नहीं पाया है। पहले भी महिलाओं में इस तरह की समस्याएं देखी गई है लेकिन संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। कुछ डॉक्टर इसे स्तन के टीबी की तरह देख रहे हैं लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। डॉक्टर इसे कमजोर इम्यूनिटी से जोड़ रहे हैं और इस पर पर्याप्त शोध को लेकर गंभीर हैं।