बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीते जुलाई माह की रिपोर्ट जारी की है जिसमें घटिया गुणवत्ता वाली 143 दवाएं पकड़े जाने की पुष्टि की गई। इनके अलावा आठ नकली दवाएं भी सामने आई हैं जो अलग अलग नामचीन दवा कंपनियों के नाम से उपलब्ध हैं। इस सूची में अधिकांश दवाएं मधुमेह, रक्तचाप, पेट में गैस और दर्द निवारक हैं।
हर जिले में जांच अभियान के बाद भी भारतीय बाजार में नकली और घटिया किस्म की दवाएं पकड़े जाने का सिलसिला जारी है।
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बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीते जुलाई माह की रिपोर्ट जारी की है जिसमें घटिया गुणवत्ता वाली 143 दवाएं पकड़े जाने की पुष्टि की गई। इनके अलावा आठ नकली दवाएं भी सामने आई हैं जो अलग अलग नामचीन दवा कंपनियों के नाम से उपलब्ध हैं। इस सूची में अधिकांश दवाएं मधुमेह, रक्तचाप, पेट में गैस और दर्द निवारक हैं।
इस साल जुलाई में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और राज्य औषधि नियामकों की नियमित जांच में सात दवा नमूने बिहार और एक नमूना गाजियाबाद से नकली पाए गए। इन दवाओं को बिना अनुमति प्राप्त निर्माताओं ने दूसरों के ब्रांड नाम का इस्तेमाल करके बनाया।
पंजीकृत दुकान से ही खरीदें दवाएं
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों और आम उपभोक्ताओं को डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जिन बैचों में समस्या पाई जाती है उन्हें बाजार से वापस लेने की कार्रवाई की जाती है। हालांकि लोगों को यह सतर्कता बरतनी चाहिए कि वे दवा हमेशा पंजीकृत दुकानों से ही खरीदें और पैकिंग या लेबल में किसी तरह की गड़बड़ी दिखने पर तुरंत फार्मासिस्ट या डॉक्टर को सूचित करें।