फलों और सब्जियों में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की कमी से कई तरह की बीमारियां होती हैं। फिर भी ज्यादातर बच्चे इन्हें खाने में ना-नुकुर करते हैं।भारत में कक्षा 6 से दस के बीच पढ़ने वाले शहरी बच्चों में से केवल 18 फीसदी ही रोजाना फल खाते हैं। एक सर्वेक्षण के परिणाम में यह बात सामने आई है। सर्वेक्षण में देश के ज्यादातर बच्चों के खाने की खराब आदतों का खुलासा हुआ है।
भारत के मेट्रो शहरों में कक्षा 6 से 10 में पढ़ रहे 1,350 बच्चों के माता-पिता के जवाब इस सर्वेक्षण में शामिल हैं। परिणाम बताते हैं कि केवल 35 फीसदी बच्चे ही भोजन के हिस्से के रूप में सब्जियों का उपभोग करते हैं। सर्वेक्षण में भारत के स्कूली बच्चों के खाने की आदतों के मूल्यांकन में यह भी पाया गया कि उनमें से 50 फीसदी जंक फूड, मिठाई या अन्य अस्वास्थ्यकर भोजन का रोजाना उपयोग करते हैं।
फल और सब्जियां प्रकृति की अनुपम देन हैं। इनमें महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में काफी सहयक होते हैं। ह्यूस्टन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में टेक्सास हेल्थ साइंस सेंटर विश्वविद्यालय के आहार विशेषज्ञ लॉरा मूर के मुताबिक, फलों और सब्जियों में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की कमी से कई तरह की बीमारियां होती हैं।
विटामिन ए की कमी से रात का अंधापन, मैग्नीशियम की कमी से सामान्य कमजोरी, विटामिन की कमी से पोषण और पोटैशियम की कमी से अनियमित दिल की धड़कन शामिल है। फल और सब्जियों का सेवन नहीं करने से कब्ज और बवासीर जैसे रोग होने की संभावना रहती है। मूर बताते हैं कि फल और सब्जियों में सेलुलोस होता है, जो मल वजन बढ़ाता है, मार्ग को आसान बनाता है और पारगमन समय को कम करता है।
इसके अलावा, उनमें फाइबर होता है, जो कब्ज को कम करने या रोकने में मदद करता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के एक अध्ययन से पता चला है कि फल और सब्जियों में पाए जाने वाले फाइबर डॉयवर्टिकुलर रोग के जोखिम को कम कर देता है।
अमेरिकन इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च (एआईसीआर) के मुताबिक, कोई भी भोजन कैंसर के खिलाफ आपकी रक्षा नहीं कर सकता है, लेकिन पौधे आधारित खाद्य पदार्थों से भरा आहार कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।
बीटा कैरोटीन समेत कैरोटीनॉयड-रंगद्रव्य, जो पालक, गहरे नारंगी फल, मीठे आलू, स्क्वैश और गाजर में पाए जाते हैं, कोशिकीय क्षति के खिलाफ सुरक्षा कर सकते हैं और कैंसर की कम दरों से जुड़े हुए हैं। फल और सब्जियां कैलोरी में कम होती हैं इसलिए, कोई अधिक खा सकता है और कम कैलोरी से अधिक संतुष्टि महसूस कर सकता है।
एक अध्ययन से साबित हुआ है कि फल और सब्जियों से समृद्ध आहार उच्च रक्तचाप को कम करता है। रक्तचाप को कम करने के प्रभाव के कारण, ज्यादा फल और सब्जियां खाने से दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा कम होता है। फल और सब्जियों में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है, जिससे दिल की बीमारी दूर रहती है।
मूर का कहना है कि फोटोटैनिक एसिड और विटामिन बी 6 जैसे पोषक तत्वों में कमी, संभवतः उन लोगों में अवसाद का कारण हो सकती है, जो पर्याप्त मात्रा में इसका उपभोग नहीं करते हैं। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि विकासशील देशों में बचपन का मोटापा एक 'खतरनाक सपने' जैसा है।