अक्सर माना जाता है कि युवाओं को जोड़ो का दर्द थकान और कमजोरी की वजह से होता है। लेकिन शायद ही आप जानते होंगे कि ये दर्द आर्थराइटिस यानी गठिया का भी संकेत हो सकता है। सुनकर थोड़ा अजीब जरूर लगेगा लेकिन ये बात बिल्कुल सच है।
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एम्स के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ राजेश मल्होत्रा का कहना है कि ‘एक अनुमान के अनुसार, हमारे देश में हर छह में से एक व्यक्ति आर्थराइटिस से पीड़ित है और चिंता की बात यह है कि युवाओं में इसके मामले बढ़ रहे हैं। खास कर ऑस्टियोआर्थराइटिस के मामलों में इन दिनों जीवन शैली की वजह से वृद्धि दिखाई दे रही है।’
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पीटीआई को दिए एक इंटव्यू में मल्होत्रा ने बताया कि आर्थराइटिस का मुख्य कारण ज्यादा देर तक बैठ कर काम करना, कम से कम चलना, मोटापा, जंक फूड का सेवन और विटामिन डी की कमी होता हैं। ये कारण आधुनिक जीवन शैली की ही देन हैं।
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मेदांता मेडिसिटी में आर्थोपीडिक डॉ अशोक राजगोपाल कहते हैं कि ऑस्टियोआर्थराइटिस से बचाव का सबसे अच्छा तरीका व्यायाम है। व्यायाम से जोड़ों की मांसपेशियां मजबूत रहती हैं, उनका लचीलापन बना रहता है और जोड़ों को उनसे ‘सपोर्ट’ भी मिलता है।
डॉ मल्होत्रा ने कहा कि मोटापा भी आर्थराइटिस का एक कारण है इसलिए इसे रोकने के लिए संयंमित खानपान, शारीरिक सक्रियता, व्यायाम आदि पर ध्यान देना चाहिए। वजन कम होने से जोड़ों पर दबाव भी कम पड़ता है। इसके अलावा, विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में शरीर को मिलना चाहिए। व्यायाम करते समय ध्यान रखना चाहिए कि यह भी संतुलित हो।