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आत्महत्या से पहले ऐसे होते हैं किसी व्यक्ति के शुरुआती लक्षण, जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर

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आत्महत्या के बढ़ते मामलों को रोका जा सकता है - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की खबर ने सभी लोगों को गमहीन कर दिया है। एक 34 साल के युवा कलाकार का इस तरह आत्महत्या करना दुखद है। पूरी दुनिया के चेेहरों पर हंसी बिखेरने वाले सुशांत यूं चले जाएंगे किसी ने सोचा भी नहीं था।

सुशांत सिंह की आत्महत्या के पीछे डिप्रेशन को बड़ी वजह माना रहा है। ऐसे सामान्य सवाल उठते हैं कि डिप्रेशन की वह कौन सी स्टेज होती है जिसमें व्यक्ति अपनी जान तक ले लेता है। आपको बता दें सुशांत की पूर्व मैनेेजर ने भी कुछ दिन पहले आत्महत्या कर ली थी।

आत्महत्या के बढ़ते मामलों को रोका जा सकता है, अगर हमें इसके लक्षणों के बारे में पता हो। अमर उजाला ने इस संबंध में डॉक्टर से भी बातचीत की। आइए जानते हैं क्या कहते हैं डॉक्टर डिप्रेशन के बारे में और कैसे रोका जा सकता है सुसाइड के मामलों को। 
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कोई भी व्यक्ति अचानक आत्महत्या जैसा बड़ा कदम नहीं उठाता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
अचानक नहीं करता कोई भी आत्महत्या 
  • कोई भी व्यक्ति अचानक आत्महत्या जैसा बड़ा कदम नहीं उठाता है। डॉक्टरों के अनुसार आत्महत्या करने वाला व्यक्ति बहुत लंबे समय से सुसाइड करने के बारे में सोच रहा होता है। इस बारे में हमने हल्द्वानी की मनोचिकित्सक डॉक्टर संगीता जोशी से फोन पर बात की।
  • उन्होंने बताया कि कोई भी इतना बड़ा कदम आसानी से नहीं उठाता है। व्यक्ति बहुत समय से इन सबके बारे में सोच रहा होता है। डॉक्टर संगीता जोशी कहती हैं कि आसपास रहने वाले लोग कुछ संकेतों से आसानी से पता लगा सकते हैं कि व्यक्ति आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है।
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अकेलापन व्यक्ति को आत्महत्या की ओर अग्रसर कर देता है - फोटो : Pixabay
सबसे प्रिय व्यक्ति के निधन के कारण
  • डॉक्टर संगीता जोशी ने सुशांत सिंह राजपूत का उदाहरण देकर इस बात को समझाया कि सुशांत की माता का निधन 2002 में हो गया था और हो सकता है वो तब से अकलेपन का शिकार रहे हों। कई बार व्यक्ति किसी अपने को खोने के गम को भूल नहीं पाता है और उसके दिमाग में उनकी ही यादें बसी रहती हैं। जिस वजह से दुनिया से मन भरने लगता है और व्यक्ति अकेले रहना ही पसंद करता है। धीरे- धीरे ये अकेलापन उसे आत्महत्या की ओर अग्रसर कर देता है। अगर आपके आसपास भी कोई व्यक्ति ऐसा है तो उसकी मदद के लिए आगे आएं। 
 

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हमेशा दुखी रहने वाले व्यक्ति की आत्महत्या करने की संभावना अधिक रहती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दुखी रहना
  • लगातार दुखी रहने से भी लोग आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाने को तैयार हो जाते हैं। डॉक्टर संगीता जोशी कहती हैं कि ऐसे व्यक्ति जो हमेशा दुखी रहते हैं उनके आत्महत्या करने की संभावना अधिक रहती है। उनकी बातों में दुख और अवसाद के लक्षण साफ दिखाई देते हैं। किसी चीज के बारे में ऐसे व्यक्ति सकारात्मक ना रहकर हमेंशा निराशाजनक सोचते हैं। 
 
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आत्महत्या करने वाला व्यक्ति सोशल मीडिया से दूरी बना लेता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pexels.com
सोशल मीडिया से दूरी
  • आत्महत्या करने वाला व्यक्तिअपने आसपास के माहौल से दूर होने लगता है। देखने में आया है कि ऐसे व्यक्ति सार्वजनिक रूप से भी एक दूरी बना लेते हैं। समारोह, आयोजन आदि में ये शिरकत नहीं करते हैं। सोशल मीडिया जैसे प्लेटफॉर्म से इनकी दूरी देखी जा सकती है। अक्सर ऐसे लोग अपनी पुरानी पोस्टों को हटा देतेे हैं। 
  • डॉक्टर संगीता जोशी कहती हैं अगर व्यक्ति ऐसा कुछ कर रहा है तो हो सकता है वो आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाने जा रहा हो। हालांकि डॉक्टर जोशी ये भी कहती हैं कि हो सकता है कि व्यक्ति किसी और कारण सोशल मीडिया से दूरी बना रहा हो, लेकिन इन संकेतों से इंकार नहीं किया जा सकता।
 
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आत्महत्या करने वाले लोग दुनिया से दूर भागने लगते हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
व्यवहार में बदलाव
  • आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के व्यवहार में कुछ समय पहले से बदलाव आना शुरू हो जाता है। डॉक्टर संगीता जोशी बताती हैं कि ऐसे लोग दुनिया से दूर भागने लगते हैं और अकेला रहना शुरू कर देते हैं। ऐसे लोगों को घर में किसी का आना-जाना भी पसंद नहीं होता है। अगर आपके किसी परिचित के व्यवहार में अचानक नकारात्मक बदलाव आना शुरू हो गया हो तो ये समझा जा सकता है कि वो निकट भविष्य में आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है।
 
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डर व्यक्ति को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर देता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
किसी चीज से डर 
  • व्यक्ति किसी चीज से डर की वजह से भी आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा सकता है। डॉक्टर जोशी बताती हैं कि बहुत से मामलों में ऐसा भी होता है कि किसी चीज का डर व्यक्ति को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर देता है। जैसे अभी कुछ समय पहले ही हमारे सामने एक मामला आया कि दिल्ली में आईआरएस अधिकारी ने कोरोना के डर की वजह से तेजाब पीकर जान दे दी।
 

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मानसिक तौर पर परेशान व्यक्ति के आत्महत्या करने की संभावना अधिक रहती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
मानसिक रूप से परेशान रहने लगे
  • अगर कोई व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान रहने लगे तो उसकी हर संभव मदद का प्रयास करें। डॉक्टर संगीता जोशी बताती हैं कि मानसिक तौर पर परेशान व्यक्ति के आत्महत्या करने की संभावना अधिक रहती है। व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान कई कारणों से हो सकता है।

 

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आत्महत्या करने वाला व्यक्ति अंतिम समय में अपनो से बात जरूर करता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
आत्महत्या से पहले अपनों से बात
  • डॉक्टर जोशी कहती हैं कि आत्महत्या करने वाला व्यक्ति अंतिम समय में अपनों से बात जरूर करता है। आत्महत्या के अधिकतर मामलों में देखा गया है कि आत्महत्या करने से पहले व्यक्ति जिस से सबसे अधिक प्रेम करता है उससे बात अवश्य करता है।
  • बहुत से मामलों में देखा जाता है कि आत्महत्या करने से पहले व्यक्ति अपनों से माफी भी मांगता है। अगर आपका कोई अपना आपको कॅाल करके आपसे कुछ अलग तरीके से बात करें या आपको ऐसा लगे कि कॅाल करने वाला व्यक्ति कुछ परेशान है तो तुरंत उसकी मदद करने का प्रयास करें।

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पैनिक अटैक पड़ने को आत्महत्या का संकेत समझा जा सकता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पैनिक अटैक
  • डॉक्टर संगीता जोशी के अनुसार बहुत कम मामलों में ऐसा होता है कि व्यक्ति को पैनिक अटैक भी पड़ने लगते हैंं। पैनिक अटैक पड़ने को आत्महत्या का संकेत समझा जा सकता है। अगर आपके आसपास किसी व्यक्ति को पैनिक अटैक पड़े तो आपको उसकी मदद करनी चाहिए।

 

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पैनिक अटैक होने में व्यक्ति अचानक से घबराने लगता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
पैनिक अटैक क्या होता है
  • चिंता और डर की शुरुआत होना पैनिक अटैक कहलाता है। पैनिक अटैक होने में व्यक्ति अचानक से घबराने लगता है और उसे बहुत अधिक डर लगना शुरू हो जाता है। अगली स्लाइड्स में जानिए पैनिक अटैक के लक्षण...


 
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घबराहट होना पैनिक अटैक का लक्षण है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
पैनिक अटैक के लक्षण
  • पसीना आना
  • घबराहट 
  • सांस लेने में तकलीफ 
  • दम घुटना
  • चक्कर आना या हल्का-हल्का महसूस होना
  • ठंड लगना
  • स्तब्ध हो जाना
  • मरने का डर

नोट: यह लेख आपकी जागरूकता बढ़ाने के लिए साझा किया गया है। डिप्रेशन से संबंधित जानकारी और लक्षणों को समझने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 
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