शाहरुख और ऋतिक जैसे सिक्स पैक एब्स की चाहत भला किस पुरुष की नहीं होती है लेकिन क्या हर किसी के लिए सिक्स पैक एब्स बनाना संभव है?
कसरत के दौरान और इसके अलावा, एब्स से जुड़ी ऐसी कई बाते हैं जिनकी जानकारी के बाद ही आप सिक्स पैक एब्स का सपना पूरा कर सकते हैं। जानिए इनके बारे में।
रोज एब्स के लिए कसरत जरूरी नहीं
सिक्स पैक एब्स का सपना तभी पूरा होगा जब आप एब्स से जुड़ी कसरत करेंगे लेकिन इन्हें रोज करना कई बार घाटे का सौदा हो सकता है।
सात दिन लगातार इन कसरतों को करने से मांसपेशियों पर अधिक जोर पड़ता है जिससे कसरत का असर उलटा भी हो सकता है।
आसान तरीका यह है कि आप सात दिन की जगह तीन या चार दिन ही कसरत करें, बाकी दिन सामान्य कसरतें भी मददगार हैं।
केवल एब्स की कसरत से नहीं चलेगा काम
जर्नल ऑफ स्ट्रेंथ एंड कंडिशनिंग रिसर्च में प्रकाशित शोध की मानें तो सिक्स पैक एब्स के लिए केवल एब्स की कसरत ही फायदेमंद नहीं है।
शोध में पाया गया कि केवल एब्स की कसरत करने वाले पुरुषों की मसल्स तो बनती हैं लेकिन पेट से फैट्स नहीं घट पाता।
ऐसे में जरूरी है कि इन कसरतों का सेट कार्डियो कसरतों के साथ बनाकर करें और डाइट कौ पूरा ध्यान रखें।
जरूरी है मजबूत बैक
मजबूत एब्स और स्लिम पेट के लिए जरूरी है कि आपकी कमर भी मजबूत रहे। ऐसे में डाइट और कसरत के सेट बनाते वक्त कमर को मजबूत करने पर जरूर ध्यान दें।
अगर आपका बैक मजबूत नहीं होगा तो एब्स के लिए कड़ी कसरत करते वक्त चोट लगने या चलक आने का रिस्क भी बना ही रहेगा।
एक जैसी कसरतों से अलग हो सकते हैं परिणाम
जरूरी नहीं कि आपके प्रशिक्षक अपने अनुभव के आधार पर कसरत का जो सेट आपसे करवाएं उससे आपको भी वैसा ही फायदा मिले जैसा उन्हें मिला हो।
अमेरिकन काउंसिल ऑन एक्सरसाइज के शोध की मानें तो एब्स की प्रवृत्ति एक जैसी नहीं होती है इसलिए कसरत को मांसपेशियों के अनुसार करने से ही इसका पूरा फायदा मिल सकता है।
शीशे में जो दिखता है उससे कहीं अधिक है असलियत
आपको जानकर आश्चर्य होगा लेकिन शीशे के सामने आप अपने पेट पर जितनी चर्बी देखते हैं, असलियत में चर्बी उससे अधिक होती है। असल में फैट्स की सही मात्रा सीटी स्कैन या एमआरआई के माध्यम से पता चल सकती है।