हृदय रोग और हार्ट अटैक के मामले
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कोविड महामारी ने बढ़ाया हृदय रोगों का खतरा
अमेरिका और पोलैंड में किए गए इन अध्ययनों में कोविड-19 के कारण हृदय स्वास्थ्य को हुए नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि जो बच्चे कोविड-19 से संक्रमित रह चुके हैं उनमें उच्च रक्तचाप और हार्ट फेलियर जैसी समस्याओं की आशंका काफी देखी जा रही है। इसी तरह संक्रमण के बाद हृदय संबंधी लक्षण वयस्कों में अधिक आम हो गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि कोरोना महामारी ने हृदय रोगों के जोखिमों को काफी बढ़ा दिया है।
पेन्सिल्वेनिया विश्वविद्यालय के नेतृत्व वाली शोधकर्ताओं ने टीम ने मार्च 2020 से सितंबर 2023 तक कोविड-19 संक्रमण के एक से 6 महीने बाद हृदय रोग के जोखिम का अनुमान लगाने के लिए अध्ययन किया। इसके लिए 1.2 मिलियन (12 लाख) से अधिक लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया। प्रतिभागियों में पुरुष-महिला और बच्चे सभी लोगों को शामिल किया गया था।
अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं की टीम ने जिन लोगों को कोविड का संक्रमण रहा है, भले ही किसी भी वैरिएंट का उनमें भविष्य में हृदय संबंधित समस्याओं का खतरा अधिक देखा गया।
कोविड 19 ने बढ़ाए हृदय रोगों के मामले
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पहले नहीं थी बीमारी पर कोविड के बाद सामने आए मामले
अध्ययन के लेखकों ने कहा, शोध में ये भी देखा गया है कि संक्रमण से पहले बिना किसी भी तरह के हृदय रोगों की हिस्ट्री वाले लोगों में बाद में हृदय रोग विकसित हुए हैं। पहले के अध्ययनों में भी कोविड-19 के कारण हृदय रोग के खतरों को लेकर सावधान किया जाता रहा है। इस अध्ययन से भी स्पष्ट होता है कि महामारी के दौरान संक्रमण के शिकार रह चुके लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य को लेकर अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
संक्रमण के बाद कार्डियोवैस्कुलर विकारों के बढ़ते जोखिम के बारे में सभी लोगों को अलर्ट रहना चाहिए। बच्चों और किशोरों में दीर्घकालिक जोखिम हो सकते हैं, इसलिए समय पर इसका निदान और जटिलताओं को कम करने के लिए डॉक्टरी सलाह जरूरी है।
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स्रोत और संदर्भ
Cardiovascular post-acute sequelae of SARS-CoV-2 in children and adolescents: cohort study using electronic health records
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