एक नए शोध में पता चला है कि बचपन का मोटापा स्लिप कैपिटल फीमोरल एपिफीसिस (एससीएफई) नामक कूल्हे संबंधी बीमारी का शिकार बना सकता है।एससीएफई किशोरों में कूल्हे संबंधी सामान्य बीमारी है। इसके इलाज के लिए सर्जरी करानी पड़ती है। कभी-कभी तो किशोरावस्था की उम्र में कूल्हे को हटाया जाता है।
ब्रिटेन की 'यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल' के इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसलेशन मेडिसिन से जुड़े और शोध के प्रमुख लेखक डैनियल पैरी कहते हैं कि इसकी शुरुआत में ही पहचान जरूरी है, नहीं तो यह आगे जाकर खतरनाक स्थिति ले सकता है।
'आर्काइव्स ऑफ डिजीज इन चाइल्डहुड जर्नल' में प्रकाशित इस शोध के लिए ब्रिटेन में 1990 से 2013 तक के 16 वर्ष से कम उम्र के किशोरों में एससीएफई की बीमारी संबंधी मेडिकल रिकार्ड का अध्ययन किया गया।