बदलती जीवनशैली में शारीरिक श्रम की कमी की बड़ी कीमत महिलाओं को उनके फिगर के मामले में चुकानी पड़ रही है। न्यूयॉर्कमैगजीन वेबसाइट में प्रकाशित शोध की मानें तो सुस्त जीवनशैली की वजह से महिलाओं के बट और जांघों के बीच का अंतर खत्म होता जा रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक श्रम की कमी के कारण महिलाओं के बट के निचले हिस्से की मांसपेशियां टोन नहीं हो पाती हैं जिससे पैरों और बट के बीच का हिस्सा विकसित नहीं हो पाता है।
शोधकर्ताओं ने माना कि शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को इस समस्या की अधिक आशंका है। उन्होंने बहुत समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने वाली महिलाओं के शरीर में भी ऐसे बदलाव मानें हैं।
शोध में माना गया है आमतौर पर तीन साल से अधिक समय तक आलस्य भरी जीवनशैली की वजह से उनके पैरों की मांसपेशियां पूरी तरह बन नहीं पा रही हैं।
शोधकर्ताओं का मानना है कि योग, पिलाटे व अधिक शारीरिक श्रम की मदद से बट और पैरों के बीच के अंतर को बरकरार रखा जा सकता है और उन्हें बेडौल होने से बचाया जा सकता है।